नहीं पहुंची जननी एक्सप्रेस, सास ने रिक्शा चलाकर प्रेग्नेंट बहू को पहुंचाया अस्पताल
नरसिंहपुर।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में आधी रात को कई बार कॉल करने पर भी जब जननी एक्सप्रेस
नहीं पहुंची तो प्रसव पीड़ा से तड़पति बहू के लिए सास ने खुद साइकिल रिक्शा चलाकर
बहू को अस्पताल पहुंचाया।
जिला मुख्यालय
से 16 किलोमीटर दूर तहसील करेली से सटी पुरानी बस्ती में देर रात कांता मेहरा को
प्रसव पीड़ा हुई। उस वक्त उसके घर में कोई नहीं था, ऐसे में महिला ने पड़ोसियों से मदद मांगी।
पड़ोसियों ने मदद
के लिए कई बार जननी कॉल सेंटर पर फोन लगाए, जहां से उन्हें जल्दी जननी एक्सप्रेस पहुंचाने का भरोसा
मिला,
पर घंटों बीत जाने के बाद भी जब जननी एक्सप्रेस नहीं पहुंची
तो पड़ोस में रहने वाली मुंह बोली मौसी सास गुड्डी बाई ने खुद प्रेग्नेंट बहू को
अस्पताल पहुंचाने की ठानी।
गुड्डी बाई ने
घर के पास सो रहे एक रिक्शा चालक को जगाकर अस्पताल चलने की बात कही तो उसने इंकार
कर दिया। इस पर सास ने खुद रिक्शा लिया और प्रसूता को दो और महिलाओं के साथ बैठाकर
अस्पताल की ओर निकल पड़ी।
हद तो तब हो
गई जब रास्ते में उन्हें 108 एंबुलेंस भी मिली, उसे रोककर मदद मांगी गई तो एंबुलेंस के कर्मचारियों ने मदद
से इंकार कर दिया। जिसके बाद सास गुड्डी बाई ने साइकिल रिक्शा चलाना शुरू किया और
बहू को करीब चार किलोमीटर दूर स्थित जिला अस्पताल लेकर पहुंची।
बहू को
अस्पताल ले जाने तक भी जननी एक्सप्रेस उनके घर तक नहीं पहुंची,
ऐसे में मौसी सास सही समय पर खुद कांता को अस्पताल ले जाने
का निर्णय नहीं लेती तो हालात बिगड़ सकते थे।

अस्पताल
पहुंचने पर जननी वाहन नहीं मिलने को लेकर सास गुड्डी बाई ने जब जननी कॉल सेंटर पर
फोन किया तो सेंटर पर मौजूद व्यक्ति उल्टा महिला से ही झगड़ा करने लगा। अस्पताल
में मौजूद ड्यूटी डॉक्टर से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस संबंध में कोई
जानकारी नहीं होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। बताया जा रहा है कि प्रेग्नेंट
बहू ने अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया है। मां और बच्चे दोनों की हालत स्वस्थ
बताई जा रही है।