‘स्वच्छ भारत मिशन’ द्वारा राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समीति में राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र स्थापित किया जाएगा

संस्कृति मंत्रालय ने पर्यटकों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए ‘ई-गाईड (श्रव्य दृश्य)’ एप विकसित किया पर्यटन मंत्रालय वर्ष 2019 में महात्मा गांधी के 150वीं जयंती तक स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रयासरत।

पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ द्वारा राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति (जीएसडीएस), राजघाट में राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र स्थापित किया जाएगा। चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री के विजन को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र की स्थापना की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय इस प्रयोजन के लिए जगह उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है। संस्कृति मंत्रालय के ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ अभियान के समापन समारोह के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए आज संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री महेश शर्मा ने इस बात की घोषणा की। इस अवसर पर ग्रामीण विकास, पंचायती राज तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे।

डॉ. शर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ‘स्वच्छता पखवाड़े’ के दौरान संस्कृति मंत्रालय ने साफ-सफाई और जागरुकता बढ़ाने के लिए 275 घंटे समर्पित किए। ‘स्वच्छता पखवाड़े’ के दौरान कुल 82 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय संग्रहालय का दौरा करने वाले पर्यटकों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने ‘ई-गाईड (श्रव्य दृश्य) e3.eguide.net.in’ एप विकसित किया है।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) ही सरकार की एकमात्र प्राथमिकता नहीं है, बल्कि यह भारत के लोगों के लिए एक राष्ट्रीय मिशन बन गया है और देश के हर कोने से इसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर, 2014 को शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन के बाद अभी तक चार करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों का निर्माण किया गया है और 1,94,000 गांव तथा 135 जिलों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) किया गया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल, सिक्किम तथा केरल ओडीएफ राज्य हैं और जल्द ही 6 – 7 और राज्यों को ओडीएफ राज्य घोषित किया जाएगा।

श्री तोमर ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के लिए अभी कुल बजट 19,300 करोड़ रुपये है जिसमें 14,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी है और 5300 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधानों को सभी सरकारी विभागों द्वारा घोषित किया जाएगा क्योंकि उनसे कहा गया है कि वे अपने बजटीय प्रस्तावों में स्वच्छ भारत मिशन का विशेष रूप से उल्लेख करें।
स्वच्छता अभियान के तीन साल पूरे होने पर संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय ने 16 से 30 अप्रैल, 2017 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का आयोजन किया। इस दौरान इन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जिनमें निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियां शामिल रहीं। (i) पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के तहत सभी संगठनों के लिए साफ-सफाई का एक स्थायी तंत्र बनाना। (ii) सभी संबंधित संस्थाओं को शामिल करके विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करके जागरुकता फैलाना, तथा (iii) संगीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से स्वच्छता के प्रसार के प्रति जागरुकता फैलाना और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित स्मारकों को स्वच्छ रखना आदि।

स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान संस्कृति मंत्रालय द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम –
· चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री के विजन को ध्यान में रखते हुए पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ द्वारा राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समीति (जीएसडीएस), राजघाट में ‘राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र’ स्थापित किया जाएगा।
· चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष मनाने के लिए भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार ने ‘स्वच्छग्रह-बापू को कार्यान्जलि’ एक मिशन और एक प्रदर्शनी का आयोजन किया।
· राष्ट्रीय संग्रहालय का दौरा करने वाले पर्यटकों के बीच ‘स्वच्छता’ के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने ‘ई-गाईड (श्रव्य दृश्य) e3.eguide.net.in’ ऐप विकसित किया है।
· सांस्कृतिक और भक्ति कार्यक्रमों के माध्यम से संगीत नाटक अकादमी द्वारा दो दिवसीय उत्सव ‘विमल यात्रा’ का आयोजन किया गया।
· झाडू की सींकों के महत्व के बारे में भारतीय संग्रहालय द्वारा ‘सुनो-ब्रूमस्टिक्स’ नाम की विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
· मंत्रालय के साथ सांस्कतिक केंद्रों ने स्वच्छता के बारे में जागरुकता पैदा करने के बारे में निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण, चित्रकला, रंगोली जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया।
· भारतीय पुरातत्व संर्वेक्षण द्वारा 18 अप्रैल, 2017 को विश्व धरोहर दिवस मनाया गया जिसके तहत सभी संग्रहालयों और स्मारकों में ‘स्वच्छ भारत – स्वच्छ स्मारक’ जागरुकता अभियान आयोजित किया गया।
· इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता, व्याख्यान और संगोष्ठी जैसे कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
· राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा ने विश्व कला दिवस और विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियान और अन्य कार्यक्रमों में भाग लिया। इन्होंने स्कूली छात्रों के लिए पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया।
· इलाहाबाद संग्रहालय द्वारा स्कूली छात्रों के लिए अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता पर वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान पर्यटन मंत्रालय द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम –
· पर्यटन मंत्रालय ने इन स्थानों को बढ़ावा देने के उद्देशय से ‘अतुल्य भारत’ के आदर्श वाक्य को अपनाया और आगन्तुकों को एक मेहमान के रूप में सम्मान देने के लिए ‘अतिथि देवो भवः’ जैसे उद्देश्यों को अपनाया। पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई के लिए स्वच्छ भारत, जागरुकता अभियान स्वच्छता दौर और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित जैसी योजनाओं/कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
· चालू वित्त वर्ष के दौरान मंत्रालय ने 16 से 30 अप्रैल, 2017 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का आयोजन किया। इस पखवाड़ा अवधि के दौरान ट्रांसपोर्ट भवन के अंदर गहन सफाई अभियान चलाया गया जिसमें सभी कर्मचारियों ने भाग लिया।
· विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर दिल्ली में स्थित प्रसिद्ध वैश्विक स्मारक हुमायूं का मकबरा में एएसआई द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम में पर्यटन मंत्रालय ने भाग लिया। भारतीय पुरातत्व संर्वेक्षण और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने इस समारोह में भाग लिया। इसी तरह का एक सफाई अभियान ऐतिसाहिक फिरोजशाह कोटला और पुराना किला, नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय स्मारकों में भी चलाया गया जिसके तहत इन ऐतिहासिक स्मारकों की साफ-सफाई की गई। राष्ट्रपिता के स्वच्छ भारत सपने को साकार करने के तहत पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने शहादत स्थल 30 जनवरी, मार्ग नई दिल्ली में एक गहन सफाई अभियान चलाया।
· सीएसआर योजना के तहत पर्यटन मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सहयोग से स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन किया।
· पर्यटन मंत्रालय वर्ष 2019 में महात्मा गांधी के 150वीं जयंती तक स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रयासरत है।