राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: बंगाल के बुनकर की पूरी दुनियां में छाप

हुनर के हौसलों के जरिए बंगाल के बुनकर देश विदेश में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल बरसों से अपने हैंडलूम उत्पादों के लिए मशहूर रहा है। खासकर बंगाल की साड़ियों का क्रेज तो पूरे देश में है। ऐसा ही एक हैंडलूम हब है हुगली जिले के धनियाखली में जहां एक खास तरह की सूती साड़ियों का निर्माण किया जाता है।

यहां से बनी साड़ियां देश के साथ साथ विदेशों में काफी पसंद की जाती हैं। यहां के कारीगर और बुनकर इस बात का हमेशा खयाल रखते हैं कि क्वालिटी के साथ कोई समझौता ना हो। हालांकि पावरलूम के आ जाने के बाद से हैंडलूम के ये बुनकर थोड़े से असहज महसूस कर रहे हैं।

देश के तमाम बुनकरों के लिए सरकार की तरफ से कई तरह की ट्रेनिंग कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं जिसके जरिए बुनकरों को अपने हुनर को और भी संवारने का मौका मिल रहा है और उन्हें अपनी जीविका चलाने में काफी सहूलियत भी मिल रही है।

उम्मीद की जानी चाहिए कि आऩे वाले दिनों में हैंडलूम उद्योग और भी तरक्की करेगा और मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने में अपना पूरा योगदान यूं ही देता रहेगा।