राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का पहला चरण 17 से
जबलपुर | जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का प्रथम चरण 17 से 19 जनवरी तक चलाया जायेगा। तीन दिन के इस अभियान के तहत 5 वर्ष तक की आयु के 3 लाख 62 हजार 265 बच्चों को पोलियो निरोधक दवा की दो बूंद पिलाई जायेगी। अभियान के पहले दिन मतदान केन्द्रों की तर्ज पर बनाये जा रहे पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जायेगी जबकि दूसरे दिन 18 जनवरी को और तीसरे दिन 19 जनवरी को पहले दिन दवा पीने से छूट गये बच्चों को घर-घर दस्तक देकर यह दवा पिलाई जायेगी। 
यह जानकारी आज कलेक्टर शिवनारायण रूपला की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में दी गई। बैठक में जिला पंचायत की सी.ई.ओ. नेहा मारव्या, अपर कलेक्टर छोटे सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुरली अग्रवाल एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे। 
बैठक में बताया गया कि पोलियो अभियान के तहत बच्चों को पोलियो से सुरक्षित करने के लिए शहरी क्षेत्र में 943 और ग्रामीण क्षेत्र में 1140 कुल मिलाकर 2083 पोलियो बूथ बनाये जायेंगे। इन बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने 4 हजार 166 कर्मचारी तैनात किये जायेंगे। इनके अलावा रेल्वे स्टेशन, बस स्टेण्ड आदि स्थानों पर 91 ट्रांजेट बूथ स्थापित किये जायेंगे। जबकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 50 मोबाइल टीमें तैनात की जायेंगी। 
बैठक में कलेक्टर श्री रूपला ने पल्स पोलियो अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। उन्होंने इस अभियान में धर्मगुरूओं, जनप्रतिनिधियों, स्वैच्छिक संगठनों, समाज सेवियों को जोड़े जाने की जरूरत बताई। श्री रूपला ने पोलियो निरोधक दवा को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चैक और वैक्सीन कैरियर की उपलब्धता की जानकारी भी ली। उन्होंने बच्चों को पोलियो निरोधी दवा पिलाने वाले कर्मचारियों के पर्याप्त प्रशिक्षण देने की बात बैठक में की। श्री रूपला ने अभियान के दौरान झुग्गी झोपड़ी क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिये। 
स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों को खुले रखने के निर्देश
कलेक्टर ने बैठक में पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन रविवार 17 जनवरी को सभी स्कूलों को सुबह 7 बजे से खुले रखने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों को भी खुले रखने के साथ-साथ इस दिन केन्द्र में आने वाले बच्चों के लिए विशेष भोज की व्यवस्था करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दिये।