नेपाल: बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 49 से ज़्यादा लोगों की मौत

नेपाल में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन के कारण 49 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

बाढ़ की वजह से 15 ज़िले अधिक प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान तराई क्षेत्र में हुआ है, जहां सैकड़ों मकान बाढ़ में बह गए हैं और हजारों लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। भारी बारिश के कारण हवाई अड्डा जलमग्न होने से बिराटनगर में उड़ान सेवाएं बाधित हो गई हैं।

वहीं सेना और पुलिस के 8,300 जवानों को बचाव और राहत अभियान के लिए प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है, हालांकि खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में रुकावट आ रही है। हेलीकाप्टर और मोटरबोट्स के ज़रिए राहत सामग्री लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

इस बीच हालात का जायज़ा लेने के लिए नेपाल कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने स्थानीय ज़िला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज़ करने को कहा है। मौसम विभाग ने कहा है कि तराई क्षेत्र और नेपाल के अन्य हिस्सों में तेज़ बारिश हो सकती है।

भारत ने नेपाल सरकार को सूचित किया है कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। नेपाल में भारत के राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने नेपाल के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री कृष्ण बहादुर महारा को ये जानकारी दी कि इस मामले को तत्काल संबंधित राज्यों- दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ उठाया गया।
इससे पहले शनिवार को नेपाल के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने भारत सरकार से नेपाल में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण सीमा पर स्थित बांधों के गेट खोल देने का अनुरोध किया था।