उप्र में चार साल के लिए बनी नई तबादला नीति, कैबिनेट ने दी मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने चार साल के लिए नई तबादला नीति बनाई है। मंगलवार को इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई। योगी सरकार की इस नई स्थानान्तरण नीति से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।

इनमें सबसे प्रमुख सरकार की नई तबादला नीति रही। यह इस वर्ष एक पहली अप्रैल से लागू होकर चार साल तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत 20 प्रतिशत की सीमा तक स्थानांतरण किया जा सकेगा। एक जिले में तीन वर्ष और मंडल में सात वर्ष पूर्ण करने वाले समूह क और ख के अधिकारियों के स्थानांतरण का प्रावधान किया गया है।

नई नीति के अनुसार सभी विभागों को 31 मई तक तबादलों की प्रक्रिया पूरी कर लेनी होगी। कैबिनेट ने आज की बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में बंटने वाले पुष्टाहार की आपूर्ति करने के लिए आये टेंडरों में न्यूनतम दर को मंजूरी दी। दरअसल राज्य सरकार ने पुष्टाहार की सप्लाई के लिए ई-टेंडर आमंत्रित किये थे।

इस बार प्रदेश के 18 मंडलों को 14 हिस्सों में बांटकर ये टेंडर किये गए थे। सरकार ने निर्णय लिया है कि पुष्टाहार की कालाबाजारी रोकने के लिए इसके पैकेटों में बार कोडिंग की जायेगी। इसके तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं समेत सभी के लिए पोषाहार के पैकेट अलग-अलग रंग के होंगे।