इलाहाबाद में क्रिमनलो को कोई डर नहीं पुलिस का

इलाहाबाद में इन दिनों गुंडे बदमाशों का बोलबाला है। बेखौफ बदमाश मनमानी कर रहे हैं। पुलिस का डर अपराधियों को नहीं रह गया है। जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली कहावत देखने को मिल रही, कोई किसी को सड़क पर मार रहा तो कोई किसी को बंधक बनाकर टार्चर कर रहा। लूट, हत्या और छिनैती के अलावा दबंगई और गुंडई का खेल शुरू हो गया है। पिछले एक एक हफ्ते का घटनाक्रम देखें तो कानून व्यवस्था का बुरा हाल दिखाई देगा। इन्तेहां तो ऐसी है कि हर मामले का वीडियो, फोटो वायरल हो रही है, ऐसे में यहां की करतूत देश दुनिया में देखी जा रही है इस तरह हमारी इलाहाबाद की पवन धरती बदनाम हो रही है। पुलिस वसूली में मस्त है, जनता जाम से त्रस्त है और बदमाश अपनी मनमर्जी चला रहे हैं। एलएलबी छात्र दिलीप सरोज के साथ जो कुछ हुआ वह दुनिया ने देखा। पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। आइजी-एडीजी ने सड़क पर उतर कानून व्यवस्था संभाली। इसके बाद जमीन के विवाद में मांडा में दो सगे भाइयों को कुल्हाड़ी से काट दिया गया। विवाद पुराना था, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया जिसका नतीजा दो कत्ल से पूरा हुआ। सराय इनायत में हाईस्कूल की छात्रा को खींच ले जाया गया। उसके साथ दुष्कर्म हुआ और आरोपी फरार है। दिलीप हत्याकांड को लेकर शहर की सड़कों पर पुलिस और आरएएफ का पहरा लगा। इसके बावजूद भी दबंग माने नहीं नहीं। गुरुवार को दिन दहाड़े राजापुर बाजार में घड़ी की दुकान में घुसकर तौसीफ नामक युवक को गोली मार दी गई। गुरुवार को ही एक और सनसनीखेज मामला सामने आया गया। एक तहसीलदार ने की गुंडई और दबंगई ने फिर संगम नगरी को शर्मसार किया। अपने घर हुई चोरी का बदला तहसीलदार ने दबंगई दिखाकर पूरा किया। ड्राइवर पर शक होने पर तहसीलदार के करीबियों ने उसे उठा लिया। बंधक बनाकर इतना पीटा कि जिस्म में दरारें पड़ गई। गुरुवार को यह मामला तूल पकड़ गया। जब सरकारी अफसरों का यह हाल है तो दूसरों से क्या उम्मीद की जाए।