अब प्रसूता महिलाओं को नहीं करना पडे़गा काम

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शहडोल @ अब मजदूरी, मजबूरी नहीं बनेगी, बल्कि गरीब परिवारों की बहनें भी अमीर परिवारों की तरह कोख भरने से लेकर प्रसव एवं उसके बाद जहां पौष्टिक भोजन प्राप्त करेंगी वहीं घर में रहकर अपने बच्चों की देखभाल भी कर सकेंगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा असंगठित मजदूरों के लिये चलाई जा रही मुख्यमंत्री जनकल्याण सम्बल योजना में पंजीकृत परिवारों के लिये यह सुविधा मुहैया करा दी है।

ग्राम गोरतरा निवासी 21 वर्षीय सुषमा विश्वकर्मा पति दलजीत विश्वकर्मा के घर में प्रथम प्रसव में लाड़ली लक्ष्मी के रूप में 2 माह पहले हेमलता का जन्म हुआ। पति ड्रायवर का कार्य करके इतनी आय नहीं प्राप्त कर पाते थे कि प्रसव के बाद अपनी पत्नी एवं बेटी की देखभाल ठीक तरीके से कर सकें। यह योजना उनके जीवन में वरदान बनकर आई तथा उनके सारे सपनों को साकार कर दिया। प्रसव पश्चात उन्हें 16 हजार रूपये का चेक स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से विधायक जयसिंहनगर प्रमिला सिंह ने प्रदान किया।

सुषमा विश्वकर्मा का कहना है कि इस राशि से हम अपनी बेटी की 2 साल तक घर में बैठकर देखरेख कर सकेंगें, साथ ही हम भी पौष्टिक भोजन प्राप्त कर सकेंगें। उन्होने बताया कि अब उन्हें लाड़ली लक्ष्मी योजना का भी लाभ मिलेगा। जिससे वे अपनी बेटी की पढ़ाई ठीक तरह से करा सकेंगी। जनपद स्तरीय सम्बल मेले में प्रसूति सहायता योजना के तहत देवक बैगा पति अशोक बैगा ग्राम जमुई तथा ममता कोल को भी 16-16 हजार रूपये के चेक विधायक द्वारा प्रदान किये गये।