जिले में कम हुई कुपोषित बच्चों की संख्या

जबलपुर@ कुपोषण को कम करने के लिए निरंतर चलाये जा रहे पोषण अभियानों के परिणामस्वरूप पिछले सात-आठ महीनों के दौरान जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या में गिरावट आई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास मनीष शर्मा के मुताबिक जिले में जनवरी 2017 में अति कम वजन वाले बच्चों की संख्या जहां 1 हजार 946 दर्ज की गई थी जो अगस्त माह में कम होकर 1 हजार 689 हो गई है। उन्होंने बताया कि बच्चों में कुपोषण 0.15 फीसदी की आई कमी को शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का नतीजा है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार जिले में 13 एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से 2 हजार 191 आंगनबाड़ी केन्द्र एवं 292 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में कुल 1 लाख 68 हजार 827 बच्चे दर्ज हैं। इनमें से 84.50 फीसदी अर्थात 1 लाख 42 हजार 554 बच्चे सामान्य वजन के हैं। जबकि 14.50 फीसदी अर्थात 24 हजार 584 बच्चे कम वजन के एवं एक फीसदी अर्थात 1 हजार 689 बच्चे अति कम वजन के हैं। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज बच्चों की कुल संख्या में अति कम वजन के बच्चों की यही संख्या जनवरी 2017 में 1 हजार 946 अर्थात 1.15 फीसदी थी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में समस्त हितग्राहियों को ताजा पका पूरक पोषण आहार एवं टेक होम राशन एवं कुपोषित बच्चों को तीसरा आहार प्रदाय किया जाता है। उन्होंने बताया कि कुपोषण को कम करने के लिए चलाये जा रहे सुपोषण अभियान से रेड जोन में शामिल कम वजन के 479 बच्चों एवं अतिकम वजन के 487 बच्चों को लाभांवित किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार जिले में पोषण पुनर्वास केन्द्रों (एन.आर.सी.) के माध्यम से अभी तक 1239 बच्चों को लाभांवित किया गया है। अतिकम वजन के ऐसे 492 बच्चे जो एन.आर.सी. में भर्ती होने योग्य नहीं है, उन्हें स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को स्नेह सरोकार कार्यक्रम अंतर्गत गोद दिलाया गया है। स्नेह सरोकार योजना में बच्चों की देखभाल एवं पोषण सहयोग दिया जाता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य में उत्तरोत्तर सुधार परिलक्षित हुआ है। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से बच्चों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जाकर उनकी मॉनीटरिंग की जा रही है।जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार विभाग द्वारा महिला एवं बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता के संबंध में पंचवटी से पोषण, लालिमा अभियान, विशेष पोषण अभियान, विशेष वजन अभियान एवं पोषण परिपूर्ण ग्राम की योजनायें संचालित की जा रही हैं, जिससे समुदाय की सहभागिता एवं विभिन्न विभागों के समन्वय से महिलाओं एवं बच्चों को सुपोषित किया जा सके।