मैडीकोलीगल परीक्षण समय से न करने वाले संबंधित चिकित्सकों के विरूद्ध कार्यवाही के दिए आदेश

बुलंदशहर@ जिलाधिकारी डॉ0 रोशन जैकब ने रेप पीड़िता के मैडीकोलीगल परीक्षण में विलंब को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका राजकीय जिला महिला चिकित्सालय को निर्देशित करते हुए अवगत कराया है कि विगत रात्रि 10.45 बजे डी0सी0आर0 द्वारा अवगत कराया गया कि थाना खुर्जा देहात पुलिस द्वारा रेप पीड़िता को राजकीय जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, परन्तु उसका मैडीकोलीगल परीक्षण नहीं किया जा रहा है और उनके स्तर से तत्काल उक्त के संबंध में सूचित करने के उपरान्त भी पीड़िता का मैडिकल परीक्षण करने में विलंब किया गया।

मैडीकोलीगल परीक्षण में विलंब होना पीड़िता को परेशानी होने के साथ-साथ पुलिस विवेचना को भी प्रभावित करता है। जबकि मैडीकोलीगल परीक्षण के लिए लेडी गायनोलॉजिस्ट के अतिरिक्त 05 अन्य चिकित्सकों की भी तैनाती अस्पताल में है परन्तु उसके बावजूद भी मौके पर एक भी चिकित्सक तैनात नहीं पायी गयी।

जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति खेदजनक ही नहीं अपितु घोर आपत्तिजनक भी है और यह मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका की पर्यवेक्षणीय शिथिलता एवं चिकित्सकों की घोर लापरवाही को भी दर्शाता है।
जिलाधिकारी ने सीएमएस को निर्देशित करते हुए कहा कि वह स्वयं ड्यूटी से अनुपस्थित पायी गयी चिकित्सक के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें तथा साथ ही भविष्य में इस प्रकार की लापवाही की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित करें तथा ड्यूटी से नदारद पाये जाने वाले चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए शासन को भी सूचित किया जायें।