संगठन ने सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा विकसित किया है- प्रधानमंत्री

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चीन के शियामिन शहर में 9 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने परस्पर सहयोग बढ़ाने के लिये छह अहम सुझाव भी दिए। उन्होंने विकासशील देशों की ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी बनाए जाने की अपील की।

चीन के शियामिन शहर में भारत, चीन, रुस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं की इन सामूहिक तस्वीरें लिए जाने के साथ ही 9 वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हो गया। सम्मेलन में सदस्य देशों ने आपसी सहयोग बढाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत भागीदारी का आहवान किया। पीएम ने कहा कि अगर ब्रिक्स के देश एकजुट होकर एजेंडा लागू करते हैं तो दुनिया इसे स्वर्णिम युग कहेगी।

ब्रिक्स के कार्यों की सराहना करते हुए पीएम ने कहा कि संगठन ने सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा विकसित किया है और अनिश्चितता की तरफ बढ़ रही दुनिया में स्थिरता के लिए योगदान दिया है। पीएम ने कहा व्यापार और अर्थव्यवस्था ब्रिक्स -देशों में सहयोग का आधार है।

ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम ने परस्पर सहयोग बढ़ाने के लिये छह अहम सुझाव भी दिए। उन्होंने विकासशील देशों की ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी बनाए जाने की अपील की। उन्होंने सदस्य देशों के सेंट्रल बैंकों से अपनी क्षमताओं को और बढ़ाने और समूह तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की आकस्मिक विदेशी मुद्रा कोष व्यवस्था के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।

पीएम ने कहा कि ब्रिक्स देश भारत और फ्रांस द्वारा नवंबर 2015 में शुरू किये गये अंतरराष्ट्रीय सौर गठजोड़ के साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि न्यू डेवलपमेंट बैंक को स्वच्छ ऊर्जा खासकर सौर ऊर्जा के लिये ज्यादा फंडिंग करनी चाहिए।

पीएम ने कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का भी आहवान किया। पीएम ने स्मार्ट शहरों, नगरीकरण और आपदा प्रबंधन में सहयोग की रफ्तार बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। पीएम ने सदस्य देशों के बीच नवोन्मेष और डिजिटल अर्थव्यवस्था मे सहयोग पर जोर दिया ताकि विकास गतिविधियों को आगे ले जाया जा सके ।

पीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि हम मिशन मोड में ताकि देश से गरीबी खत्म की जा सके, स्वास्थ्य बेहतर हो, स्वच्छता, लिंगानुपात जैसी चीजें बेहतर की जा सकें। पीएम ने कहा कि भारत ने कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जंग तेज की है। बाद में ब्रिक्स व्यापार परिषद की बैठक हुई जिसे सदस्य देशों के प्रमुखों ने संबोधित किया । इस मौके पर पीएम ने देश में किये गये आर्थिक सुधारों का जिक्र किया और जीएसटी को अबतक का सबसे बड़ा कर सुधार करार दिया।

पीएम ने ब्रिक्स व्यापार परिषद के प्रयासो की सराहना करते हुए हरसंभव योगदान का भरोसा दिया। पीएम ने भारत की अर्थ्व्यवस्था की शानदार तस्वीर पेश की और कहा कि वो दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पीएम ने डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और मेन इन इंडिया का जिक्र करते हुए बदलते भारत की तस्वीर पेश की।

ब्रिक्स व्यापार परिषद की स्थापना 2013 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित सम्मेलन के दौरान की गई थी और इसके उद्देश्यों में कारोबारी सुगमता, व्यापार बाधाओं को दूर करना और बुनियादी ढांचे का विकास करना जैसी चीजें हैं। बाद में ब्रिक्स देशों में चार समझौते हुए इनमें आर्थिक और व्यापार सहयोग के लिए ब्रिक्स एक्शन एजेंडा, 2017- 2020 के बीच नवोन्मेष सहयोग के लिए ब्रिक्स एक्शन प्लान, ब्रिक्स सीमा सहयोग के लिए रणनीतिक फ्रेमवर्क और ब्रिक्स व्यापार परिषद तथा न्यू डेवलपमेंट बैंक के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए सहमति पत्र शामिल है।