दो अगस्त को पंचायत स्तर पर कृषक कल्याण शिविरों का आयोजन “पहल”

देवास | आगामी 02 अगस्त को जिले में पंचायत स्तर पर कृषक कल्याण शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में सचिवों द्वारा कृषकों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। कलेक्टर आशीष सिंह ने सभी एसडीएम, सीईओ जनपद पंचायत, तहसीलदार एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले को आयोजन के संबंध में आज टीएल बैठक में निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत राजीव रंजन मीणा, अपर कलेक्टर श्रीमती मंगला भालेराव सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे। सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं सीईओ जनपद पंचायत वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

केवल कृषि से संबंधित आवेदन लिए जाएंगे
दो अगस्त को लगने वाले इन किसान कल्याण शिविरों की खास बात यह होगी कि इसमें किसानों से सीधे जुड़ी सात तरह की सेवाओं से संबंधित आवेदन ही लिए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि कृषक कल्याण शिविर में प्रमुख रूप से किसानों के अविवादित नामांतरण, बंटवारा, किसान क्रेडिट कार्ड, सीमाकंन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा परीक्षण और बॉयोगैस से संबंधित आवेदन लिए जाएंगे। शिविर को केवल किसानों पर केंद्रित रखने के उद्देश्य से यहां अन्य आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। बीपीएल सूची, अतिक्रमण हटाने जैसे आवेदन स्वीकार्य नहीं किए जाएंगे। कलेक्टर आशीष सिंह ने विशेष निर्देश दिए हैं कि शिविरों में सभी आवेदन पटवारी द्वारा नहीं लिए जाकर केवल पंचायत सचिव अथवा ग्राम रोजगार सहायक द्वारा लिए जाएं। लिए जाने वाले सभी आवेदन साधिकार पोर्टल में दर्ज करने के उपरांत राजस्व विभाग को निराकरण हेतु सोंपे जाएं। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और जनपदों के सीईओ को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया में सरपंचों को विशेषतौर पर शामिल करें। अविवादित नामांतरण और बंटवारा पंचायतों का अधिकार है। वे इस अधिकार का उपयोग नहीं कर रहे हैं। उनके अधिकार से अवगत कराने और राजस्व संबंधी प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए यह शिविर लगाए जा रहे हैं।

गांवों में बजाएं डुगडुगी
कलेक्टर के निर्देश पर आज से सरपंच और सचिवों को इन कार्यों में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण की श्रंखला भी आरंभ कर दी गई है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि ग्रामों में कृषक कल्याण शिविर का व्यापक प्रचार किया जाए। गांव में डुगडुगी भी बजाई जाए और मुनादी के द्वारा किसानों को शिविर की जानकारी दी जाए। पंचायतों में पेंपलेट्स बांटकर शिविरों की जानकारी दी जाए।

अविवादित नामांतरण
कलेक्टर ने बताया कि अविवादित नामांतरण के आवेदन हेतु नामांतरण का आवेदन पत्र के साथ यथा स्थिति मृत्यु प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए कोई दस्तावेज रजिस्ट्री की छायाप्रति देना होगी। साथ ही आवेदन की प्रक्रिया में आवेदक पटवारी एवं सचिव के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करेंगे। पटवारी नामांतरण पंजी में पृविष्टि दर्ज कराई जाएगी। पंजी की नकल तैयार कर ग्राम पंचायत को प्रस्तुत की जाएगी। ग्राम पंचायत द्वारा 15 दिन में विज्ञप्ति जारी कर आपत्ति प्राप्त होने की स्थिति में ग्राम पंचायत द्वारा नामांतरण स्वीकृत करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। पंचायत द्वारा प्रस्ताव की नकल अमल दरामद के लिए तहसीलदार को प्रेषित की जाएगी।

अविवादित बंटवारा

कलेक्टर ने बताया कि अविवादित बंटवारा के आवेदन हेतु बंटवारे के आवेदन पत्र के साथ खसरा, खतौनी की नकल, आवेदन पत्र, ऋण पुस्तिका की नकल देना होगी। साथ ही आवेदन की प्रक्रिया में आवेदक पटवारी एवं सचिव के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करेंगे। पटवारी नामांतरण पंजी में पृविष्टि दर्ज कराई जाएगी। पंजी की नकल तैयार कर ग्राम पंचायत को प्रस्तुत की जाएगी। ग्राम पंचायत द्वारा 15 दिन में विज्ञप्ति जारी कर पटवारी द्वारा मौके पर सहखातेदारों की उपस्थिति में बंटवारा फर्द तैयार किया जाकर ग्राम पंचायत में प्रस्तुत किया जाएगा। आपत्ति प्राप्त न होने की स्थिति में ग्राम पंचायत द्वारा बंटवारा स्वीकृति करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों में ग्राम पंचायत, पटवारी का बोवनी प्रमाण पत्र, ऋण पुस्तिका की छायाप्रति, बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा आवेदन फॉर्म देना होगा। प्रक्रिया में भरा हुआ आवेदन पत्र, प्रीमियम राशि केश/चेक द्वारा 16 अगस्त के पूर्व बैंक में जमा करना होगी।

बॉयोगैस संयंत्र निर्माण
बॉयोगैस संयंत्र निर्माण के लिए आवश्यक दस्तावेजों में खसरा बी-1, पासपोर्ट फोटो-2, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति देना होगी। प्रक्रिया में संबंधित ग्राम के ग्राम कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से कार्यालय उपसंचालक कृषि में प्रस्तुत उपरांत स्वीकृति दी जाएगी।

किसान क्रेडिट कार्ड
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेजों में खसरा, खतौनी, भू-अधिकार पुस्तिका, पहचान प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट फोटो-2, तथा 110 रुपए शुल्क लिया जाएगा। प्रक्रिया के लिए प्रकरण तैयार कर बैंक में प्रस्तुत करने के उपरांत कृषक को किसान क्रेडिट कार्ड योजना प्रावधान अनुसार जारी किया जाएगा।