बंदियों के अधिकारों का संरक्षण हमारा दायित्व है – जिला न्यायाधीश पाटिल

खरगौन @ शनिवार को जिला जेल खरगोन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय मंडलेश्वर द्वारा विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर के पूर्व जिला न्यायाधीश बीआर पाटील ने जेल में वीडियों कांफ्रेंसिंग व्यवस्था एवं लीगल एंड क्लीनिक का भी शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात आयोजित शिविर में जिला न्यायाधीश पाटील ने कहा कि अन्य अधिकारों के साथ बंदियों के अधिकारों का संरक्षण भी हमारा दायित्व है।

न्याय पालिका बंदियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए सदैव सतर्क एवं तत्पर रही हैं। हमे यह सुनिश्चित करना होगा कि जेल में निरूद्ध् बंदी अपने आवश्यक कानूनी अधिकारों से वंचित न हो तथा सभी को न्याय पाने का समान अवसर प्राप्त हो सके। जेल बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई तथा कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया। न्यायिक अभिरक्षा में रह रहे जरूरतमंद विचाराधीन बंदियों को विधिक सहायता, सलाह एवं मार्गदर्शन दिया गया।

जिला न्यायाधीश पाटिल द्वारा बंदियो के प्रकरणों के संबंध में जानकारी ली एवं उनके प्रकरणों से संबंधित समस्यायें सुनी तथा उनका यथोचित निराकरण भी किया गया। जेल अधीक्षक एवं बंदियों से यह भी जानकारी ली गई कि विचाराधीन बंदियों में से कोई अपनी नियत अधिकतम सजा अवधि के आधे से अधिक अवधि से जेल में निरूद्ध है अथवा नही। साथ ही प्ली-बारगेनिंग की परिधि में आने वाले बंदियों की भी जानकारी ली गई। जिला न्यायाधीश द्वारा बंदियों से निरोध अवधि को सजा के स्थान पर सुधार अवधि मानकर सकारात्मक बदलाव लाने की बात कही गई।

वीडियों कांफ्रेंसिंग व्यवस्था एवं लीगल एंड क्लीनिक का किया शुभारंभ
शिविर के पूर्व जिला न्यायाधीश बीआर पाटील ने जेल में वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बंदियों की पेशियों के लिए तैयार व्यवस्था तथा बंदियों को निःशुल्क परामर्श एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडलेश्वर एवं तहसील विधिक सेवा समिति खरगोन द्वारा स्थापित लीगल एड क्लीनिक का भी शुभारंभ किया गया। इस वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बंदियों की पेशियों के लिए तैयार व्यवस्था चालू होने पर बंदियों को प्रकरणों के शीघ्र निराकरण में सुविधा एवं सरलता होगी। लीगल एंड क्लीनिक के माध्यम से बंदियों को और अधिक तीव्रता एवं सरलता से निःशुल्क परामर्श एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। शिविर के दौरान जिला न्यायाधीश पाटिल द्वारा जेल का निरीक्षण भी किया गया।

एडीजे एवं विधिक सेवा समिति के तहसील अध्यक्ष सुभाष सोलंकी द्वारा जेल बंदियों से जुड़े कानूनी अधिकारों एवं उन्हें जेल में प्राप्त समस्त अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जिला विधिक सहायता अधिकारी जीशान खान ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडलेश्वर द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों व बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह व पैनल अधिवक्ता नियुक्त किया जाता हैं, जिसे वह न्यायालय के माध्यम से अथवा जेल के माध्यम से अग्रेशित आवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेशित कर प्राप्त कर सकते है।

न्यायाधीश कु. हर्षिता शर्मा द्वारा प्लीबारगेनिंग योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षु न्यायाधीश कृष्णपाल सिसोदिया द्वारा समय को मूल्यवान बताते हुए बंदियों से जेल में गुजारे जाने वाले समय का उचित प्रयोग कर स्वयं में बदलाव लाने की बात बताई। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश गुजराथी द्वारा जेल बंदियों हेतु अधिवक्ता संघ की ओर से हर संभव सहायता एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराने में अपेक्षित सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया गया। जेल बंदियों के मार्गदर्शन हेतु उन्हें कानूनी योजनाओं एवं प्लीबारगेंनिग योजना से संबंधित पॉंपलेटस का वितरण किया गया तथा अन्य कानूनी अधिकारों से भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का संचालन एडीजे गंगाचरण दुबे ने किया। कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा बंदियों के अधिकारों, प्लीबारगेनिंग एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आभार व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दीनानाथ वाड़ीवा ने किया। शिविर में माननीय मेरी मा. फ्रांसिस डेविड, सीजेएम अरूण कुमार खरादी, सी.जे-1 दीपक चौधरी, संगीता पटेल, जेल अधीक्षक जीएल औसारी सहित बड़ी संख्या में बंदीगण उपस्थित रहें।