रसमोहनी लैम्पस में किसानों की 2 हजार क्विंटल की धान शार्ट!

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शहडोल। जिले के धान खरीदी केन्द्रों में अनियमितताएं कम नहीं हो रहीं। लेकिन रसमोहनी का धान खरीदी केन्द्र शुरूआत से ही विवादित रहा है। अब जिले के प्रभारी मंत्री के नाम पर किसानों ने शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें आरोप लगाया है कि रसमोहनी लैम्प्स में लगभग 2 हजार क्विंटल धान की हेरा-फेरी की गई है। दस्तावेज खंगाले गये तो, 2 हजार क्विंटल धान की शार्टेज निकलेगी।

मैनेजर और सहयोगी का खेल

रसमोहनी लैम्पस में लगभग 500 किसान पंजीकृत हैं। जिन्हें सीधे लैम्पस को धान बेचने का अधिकार है । शासन के निर्देशानुसार किसानों को सुविधाएं देने का प्रावधान भी है, पर आरोप है कि, लैम्पस प्रबंधक मुनीलाल साहू एवं उसके सहयोगी शफीक कादरी ने किसानों के साथ जमकर छल किया है। गौरतलब है कि बोरा भराई, सिलाई, चौकाई एवं टैगिंग का काम धान खरीदी केन्द्र पर लैम्पस द्वारा किया जाता है, लेकिन इस लैम्पस में किसानों को सारे काम किसानों को खुद ही करने पड़े।

अधिक ली गई धान
किसानों ने अधिक धान लेने का आरोप भी लगाया है। 41 किलो धान बोरे के वजन सहित लिया जाना चाहिए। पर, किसानों पर दबाव बनाकर लैम्पस मैनेजर के सहयोगी कादरी ने 43 किलो धान तक लिया है। बाद में, बोरों से मन-माफिक धान निकालकर अलग से बेचा। और तो और किसानों से राशि भी वसूली गई है तथा अमानक धान को बेचने और खरीदने का काम दोनों ही लैम्पस के जिम्मेदार व्यक्तियों द्वारा किया गया।

रिजेक्ट और पास का खेल
जिन किसानों ने जी-हजूरी की है, उन्हें तो लैम्पस मैनेजर द्वारा क्लीन चिट दी जाती रही, लेकिन कुछ ऐसे भी मामले सामने आये, जिसमें सही धान को रिजेक्ट किया गया है।। गौरतलब है कि जिन किसानों की धान 20 जनवरी को धान खरीदी केन्द्र पर पहुंची, उन किसानों की धान अब रिकार्ड में दर्ज नहीं की गई, वहीं खरीदी बंद होने के बाद जिन किसानों की धान 25 जनवरी को भी पहुंची है और उन्होंने जी-हजूरी की तो धान स्वीकृत कर ली गई। जी-हजूरी से दूर रहे किसानों की धान आज भी लैम्पस में बारिश से भीग रही है।

ये भी हैं आरोप
रसमोहनी के लैम्पस प्रबंधक साहू पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप पहले ही लग चुका है। मामला लोकायुक्त में विचाराधीन भी है। पांच हजार रुपए वेतन पाने वाला लैम्पस मैनेजर ट्रैक्टर एजेंसी, गांव में बड़े आवास, का मालिक है। भाई, भतीजा एवं भांजों की सहकारी दुकानों में नियुक्ति भी करा चुके हैं। धान खरीदी केन्द्र पर किसानों के साथ धान में ही शोषण नहीं हुआ, बल्कि किसानों के साथ गुण्डागर्दी भी की गई। लैम्पस में कादरी द्वारा किसान भईया सिंह ग्राम मोहतरा के साथ छीना-झपटी हुई । उसका पूरा धान फेंक दिया गया। उसके मानक धान को लौटा भी दिया गया।