एफएटीएफ के रडार पर पाकिस्तान

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टेरर फंडिंग को लेकर मुश्किल में फंसा पाकिस्तान। आतंकवाद को लेकर पाक के दावों की पड़ताल करने के लिए पाकिस्तान पहुंची फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स की टीम , दोषी साबित होने पर विदेश मदद पर लग सकती है रोक।

आंतकवाद को पोषित करते करते पाकिस्तान अब बेहद गंभीर आर्थिक संकट में भी फंसता जा रहा है। पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानि FATF ने ग्रे लिस्ट में पहले ही डाल दिया था जिसके बाद FATF की टीम अब पाकिस्तान में जांच करने पहुंची है। FATF की टीम इस बात की जानकारी जुटायेगी कि पाकिस्तान ने टेरर फंडिंग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही ये ऐलान किया था कि वे देश में विकास के जरिये एक नया पाकिस्तान बनायेंगे, लेकिन जिस तरह से लगातार ख़बरें आ रही है उससे तो यही लगता है कि पाकिस्तान न तो आतंक का राह छोड़ सकता है और न ही वहां विकास की कोई नयी राह निकल रही है । पहले बात आतंकवाद की करें तो फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स यानि FATF की ओर से पाक को ग्रे लिस्ट में डाले जाने के बाद उसकी एक टीम जांच के लिए इस्लामाबाद के दौरे पर है ।

FATF की टीम इस बात की जानकारी जुटायेगी कि पाकिस्तान ने टेरर फंडिंग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। रविवार को फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स की नौ सदस्यीय टीम पाकिस्तान पहुँच चुकी है जो अगले 12 दिनों तक पाकिस्तान में इस बात की तहकीकात करेगा की आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के दावे कितने सच्चे हैं और कितने झूठे। वो ये भी देखेगी कि टेरर फंडिंग रोकने के लिए पाक सरकार ने किया किया है ।

टीम में ब्रिटिश स्कॉटलैंड यार्ड, अमेरिकी ट्रेज़री विभाग, मालदीव की वित्तीय खुफिया इकाई, इंडोनेशियाई वित्त मंत्रालय, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना और तुर्की के न्याय विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। जानकारों का मानना है कि इससे आतंकवादी देश होने के भारत के दावे को बल मिलेगा ।

गौरतलब है कि पाकिस्तान को इस साल जून में पेरिस में FATF बैठक के बाद आतंकवाद संबंधित गुटों को वित्तीय मदद प्रदान करने वाले देशों की ‘ग्रे सूची’ में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। उधर पाकिस्तान भारी आर्थिक संकट से भी जूझ रहा है। अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ ‘पर्याप्‍त कार्रवाई नहीं करने’ के कारण उसे दी जाने वाली वित्‍तीय सहायता में बड़ी कटौती करने से पाकिस्तान आज घोर आर्थिक तंगी से गुजर रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि हालात को संभालने के लिए उनकी अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तरफ मदद का हाथ बढा सकती है । हालांकि पहले वो अपने मित्र देशों से मदद लेगी । कुल मिलाकर पाकिस्तान में न सिर्फ गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई बढ़ रही है बल्कि इमरान सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण आतंकवाद को भी बढ़ावा मिल रहा है जो भारत के दावे को और पुख्ता साबित करता है।