भारत की पाकिस्तान को दो टूक : आतंक मुक्त वातावरण तैयार करे, हम मित्रतापूर्ण संबंध रखने के लिए तैयार

नई दिल्ली। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य करने का सारा दायित्व पड़ोसी देश पर है। द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण ढंग से विचार विमर्श के लिए पाकिस्तान को आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण तैयार करना चाहिए। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य मित्रतापूर्ण संबंध रखना चाहता है।

भारत का मानना है कि दोनों के बीच यदि कोई मसला है तो उनका समाधान आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। इसका दायित्व पाकिस्तान पर है वह इसके लिए अनुकूल माहौल बनाएं। आतंक के खिलाफ पाकिस्तान को विश्वसनीय, सत्यापित और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

मुरलीधरन ने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से आतंकवाद के निरंतर समर्थन और आतंकियों की घुसपैठ के मामले को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वहुपक्षीय मंचों पर लगातार उठाया है। सरकार के इन प्रयासों से पाकिस्तान में उपजे आतंकवाद के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ी है। बहुत से आतंकी संगठनों और व्यक्तियों, जिन्हें पाकिस्तान में आश्रय प्राप्त है और वह भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने अवैध घोषित कर दिया है।

वित्तीय कार्य बल (एफएटीएफ) ने फरवरी 2020 में अपने पूर्ण अधिवेशन में पाकिस्तान को आतंक का निरंतर वित्तपोषण जारी रखने संबंधी चिंताओं के कारण ‘ग्रे-लिस्ट’ में बनाए रखा। इससे साफ जाहिर है कि पाकिस्तान अपने यहां भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों को संचालित होने का अवसर दे रहा है।

मुरलीधरन ने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने में एकजुट होने की आवश्यकता पर भारत की ओर से किए गए आह्वान से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में स्वीकृति बड़ी है और विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन की बैठकों और क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय मंचों जैसे शंघाई सहयोग संगठन, जी-20 आदि में जारी दस्तावेजों में यह साफ दिखाई देती है।