बिजली बनाने में काम आयेगी पराली, एनटीपीस 5500 रुपये प्रति टन देगी दाम

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बिजली बनाने में काम आयेगी पराली, एनटीपीस 5500 रुपये प्रति टन देगी दाम

हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने की समस्या से निजात दिलाने के लिये केंद्र सरकार ने पराली को ताप बिजली संयत्रों में इस्तेमाल करने का फैसला लिया है । एक एकड़ में करीब एक टन पराली होती है जिसके लिये सरकार प्रति एक टन साढे पांच हजार रुपये किसानों को देगी।

पराली से अब प्रदूषण नहीं बल्कि बिजली पैदा होगी, जी हां देश की राजधानी में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिये केंद्र सरकार ने यू.पी, हरिय़ाणा और पंजाब के किसानों से पराली खरीदने का फैसला किया है जिसका इस्तेमाल बिजली बनाने में होगा। धान और गेंहू की फसल कटने के बाद बचे अवशेष को जिसे पराली के रुप में जानते है उसके निस्तारण की समस्या का समाधान करते हुये सरकार ने इसे बडा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बडा कदम उठाया है ।

अब थर्मल पावर स्टेशनों में इंधन के रुप में कोयले के साथ 10 फीसदी पराली जलायी जायेगी। एनटीपीसी इसके लिये टैंडर जारी कर किसानों से पराली खरीदेगा । एनटीपीसी साढे पांच हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से पराली की खरीद करेगा। इसके साथ ही सरकार सभी पावर स्टेशनों में पराली इस्तेमाल को अनिवार्य करने जा रही है।

बिजली मंत्री आर.के सिंह ने कहा है कि एक एकड़ में करीब दो टन पराली होती है ऐसे में किसानों को 11 हजार रुपये प्रति एकड का फायदा होगा। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के कई कारणों में एक बडा कारण पराली को जलाना है । किसानों के पास अभी तक कोई विकल्प नही होने से वे खेतों को खाली करने के लिये पराली जलाते है ताकि अगली फसल की बुआई कर सकें । लेकिन सरकार के इस फैसले से किसानों को बड़ा विकल्प मिला है।