पैसेंजर को सस्ता खाना देने के लिए रेल्वे की नई पॉलिसी

जबलपुर@ नई पॉलिसी में पैसेंजर को 50 रुपए में शाकाहारी और 55 रुपए में मांसाहारी खाना दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए अभी 6 माह का इंतजार औऱ करना पड़ेगा। दरअसल आईआरसीटीसी ने रेलवे जोन को तकरीबन 140 पन्नों की कैटरिंग पॉलिसी भेजी है, जिसे लागू कराने के लिए 6 माह का वक्त दिया गया है।

पैसेंजर को सस्ता खाना देने के लिए रेलवे ने कैटरिंग का पूरा सिस्टम बदल दिया है। ट्रेन और प्लेटफार्म पर खाने की जिम्मेदारी रेलवे जोन से लेकर इंडियन रेलवे कैटरिंग एण्ड टूरिज्म कार्पोरेशन को सौंप दी है, जो देशभर के ए वन और ए श्रेणी के स्टेशनों की कैटरिंग संभालेगा।

कैटरिंग पॉलिसी में सभी कमर्शियल अधिकारियों को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि रेलवे स्टेशन और प्लेटफार्म पर फूड प्लाजा और स्टॉल पर न गैस होगी न ही चूल्हा। पहले सभी ए वन और ए श्रेणी के स्टेशनों से किचनों को हटाया जाएगा। वहीं पेंट्रीकार से भी किचन हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसकी जगह स्टेशनों पर बेस किचन तैयार होंगे, जिसके लिए रेलवे खुद जगह देगा। अभी देश में सिर्फ 4 बेस किचन हैं, लेकिन अब इनकी संख्या को बड़े स्टेशनों पर बढ़ाया जाएगा। यहां से पैक होकर खाना प्लेटफार्म और पेंट्रीकार को जाएगा।

अभी इन स्टेशनों पर कैटरिंग की जिम्मेदारी रेलवे जोन के कमर्शियल विभाग को है। कैटरिंग की नई पॉलिसी के तहत आईआरसीटीसी को देने की प्रक्रिया लंबी है। पहले चल रहे ठेके को खत्म या रद्द किए जाने में समय लगेगा। खाना देने के लिए बेस किचन होना अनिवार्य है, जिसे बनाने की प्रक्रिया लंबी है। इसके लिए जोन, आईआरसीटीसी को जमीन देगा, जो1 रुपए स्क्वेयर फीट पर मिलेगी। पॉलिसी में अधिकार और नियमावाली को कमर्शियल अधिकारी समझ रहे हैं।

ट्रेन में सफर के दौरान पैसेंजर को सस्ता खाना उपलब्ध कराने के लिए बेस किचन में उसे तैयार किया जाएगा। खाना बनाने से लेकर उसे प्लेटफार्म पर पहुंचाने की जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी ही उठाएगी। प्लेटफार्म पर ट्रेन आते ही खाना पेंट्रीकार कोच में जाएगा। यहां पर तैनात कर्मचारी, जिन पैसेंजरों से आर्डर लेकर आया है, उन तक यह खाना पहुंचाया जाएगा। खाने का बिल देना अनिवार्य होगा। पैसेंजर को भी इस बात के लिए जागरुक किया जाएगा कि वे खाने का बिल लें।

यह पॉलिसी जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, दमोह, सागर, नरसिंहपुर स्टेशनों पर लागू होगी। इसके लिए बेस किचन बनाने की तैयारी की जा रही है, इस किचन में एक समय पर 50 से 60 हजार लोगों के खाना बनाने की व्यवस्था होगी। और इसमें तीन शिफ्ट में खाना बनेगा और आर्डर के मुताबिक तैयार होगा। किचन में पूरी टीम होगी, जो खाना बनाएगी और उसकी जांच करेगी। यह कम से कम 4 से 5 हजार स्क्वेयर फीट में होगा।