राज्य में कोरोना के संक्रमण से अब तक 4429 मरीजों की हुई मौत

लखनऊ। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश 75 लाख टेस्ट करने वाला पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब टेस्टिंग की संख्या को जल्द ही एक करोड़ तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश अवस्थी ने रविवार को बताया कि राज्य में जिस तेजी से कोरोना नमूनों की जांच की जा रही है, उसके हिसाब से 30 सितम्बर से पहले उत्तर प्रदेश एक करोड़ टेस्ट करने वाला पहला राज्य होगा।

अब प्रतिदिन दो लाख टेस्ट करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि कल तक प्रदेश में 73 लाख से अधिक टेस्ट हो चुके थे। इसी दौरान अन्य राज्यों के आंकड़ों में तमिलनाडु में कुल 58 लाख, महाराष्ट्र में 51.6 लाख, बिहार में 47.7 लाख, आन्ध प्रदेश में 45.3 लाख, कर्नाटक में 37 लाख, पश्चिम बंगाल में 24 लाख, तेलंगाना में 21 लाख, उड़ीसा में 24 लाख और दिल्ली में 20 लाख टेस्ट हुए थे।

उत्तर प्रदेश में न सिर्फ सबसे ज्यादा कोरोना टेस्ट किए गए हैं, बल्कि सबसे अधिक आबादी वाला राज्य होने के बावजूद यहां केस फैटेलिटी रेट (सीएफआर) यानी मामलों में मृत्यु दर लगभग 1.4 प्रतिशत है। वहीं रिकवरी दर 76.40 प्रतिशत है, इसे और बढ़ाने की कोशिश है।

राज्य में संक्रमण से अब तक 4,429 मरीजों की हुई मौत
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या अब बढ़कर 68,122 हो गई है। राज्य में कुल 2,39,485 लोग इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होने के बाद घर भेजे जा चुके हैं। बीते चौबीस घंटे में संक्रमण के 6,239 नए मामले सामने आए हैं। वहीं अब तक 4,429 लोगों की संक्रमण के बाद मौत हुई है।

शनिवार को 1.47 लाख कोरोना नमूनों की हुई जांच
राज्य की विभिन्न प्रयोगशालाओं में शनिवार को कुल 1,47,082 कोरोना नमूनों की जांच की गई। मार्च में जहां प्रतिदिन 60 नमूनों की ही जांच हो पा रही थी, वहीं अब ये लगभग डेढ़ लाख प्रतिदिन है।

3,243 पूल के जरिए 17,820 नमूनों की हुई जांच
उन्होंने बताया कि शनिवार को 3,243 पूल के जरिए 17,820 नमूनों की जांच की गई। इनमें 2,922 पूल के जरिए प्रति पूल पांच-पांच नमूनों की जांच की गई, जिसमें 343 पूल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीं 321 पूल के जरिए प्रति पूल दस-दस नमूनों की जांच की गई, जिसमें 42 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

अब तक 1.53 लाख लोगों ने होम आइसोलेशन की सुविधा का लिया लाभ
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल सक्रिय मरीजों में से 36,329 लोग होम आइसोलेशन यानि घर पर रहकर इलाज की सुविधा का लाभ ले रहे हैं। लोग निजी अस्पतालों और होटल में एल-1 प्लस की सेमिपेड फैसिलिटी सुविधा का भी लाभ उठा रहे हैं। वहीं इनके अलावा शेष राज्य सरकार की एल-1, एल-2 व एल-3 की व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। अभी तक कुल 1,53,543 लोग होम आइसोलेशन की सुविधा का लाभ ले चुके हैं, जिनमें से 1,17,214 लोगों के इलाज का समय पूरा होने पर उन्हें डिस्चार्ज घोषित कर दिया गया है।

11.47 करोड़ लोगों के बीच पहुंची स्वास्थ्य टीमें
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच पहुंचकर सर्वेश्रण कर रही हैं। अभी तक 1,01,868 इलाकों में 3,46,317 टीमों ने 2,30,26,375 करोड़ घरों का सर्वेक्षण किया है। इसके तहत 11,47,41,385 लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई है।

इस वर्ष 01 सितम्बर से 12 सितम्बर तक की गई 13,379 सर्जरी
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि राज्य में कोविड केयर के साथ नॉन कोविड केयर पर भी पूरी तरह ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में बीते वर्ष 01 सितम्बर से 12 सितम्बर तक सरकारी अस्पतालों में जहां 8,477 मेजर सर्जरी की गई वहीं कोरोना संक्रमण काल के बावजूद इस वर्ष इसी समयावधि में 6,182 मेजर सर्जरी की गई। इसी तरह इसी समयावधि में गत वर्ष 15,316 माइनर सर्जरी की गई, जबकि इस वर्ष यह संख्या 7,197 रही।