पीएचडी शोध पत्र में साहित्यिक चोरी रोकने के लिए अब ली जाएगी सॉफ्टवेयर की मदद: जावड़ेकर

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उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना केन्द्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कल दिल्ली में कुलपतियों और निदेशकों के राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मौजूदा वक्त में सकल नामांकन अनुपात महज 26 फीसदी ही है, जो चिंता का विषय है।

उच्चतर शिक्षा में अनुसंधान और नवाचार विषय पर इस तीन दिन के सम्मेलन का आयोजन किया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्री ने पीएचडी के शोध पत्र में साहित्यिक चोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए देश के सभी विश्वविद्यालयों को सॉफ्टवेयर मुहैया कराए जाएंगे।

कुलपतियों और उच्च शिक्षण संस्थानों के निदेशकों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाकर 40 फीसदी तक करने की दिशा में हमें प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सकल नामांकन अनुपात महज 26 फीसदी ही है, जो चिंता का विषय है।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने पीएचडी के शोध पत्र में साहित्यिक चोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए देश के सभी विश्वविद्यालयों को सॉफ्टवेयर मुहैया कराए जाएंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री ने उच्च शिक्षा पर रिपोर्ट भी जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक देश में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों की संख्या फिलहाल 3 करोड़ 66 लाख से अधिक है।

इनमें 1 करोड़ 92 लाख लड़के और 1 करोड़ 74 लाख लड़कियां हैं। उच्च शिक्षा हासिल करने वालों में करीब 79.2 फीसदी छात्र अंडरग्रैजुएट स्तर पर हैं, जबकि 11.2 फीसदी छात्र पोस्ट ग्रैजुएट और 7.4 फीसदी डिप्लोमा स्तर पर हैं। पीएचडी कर रहे छात्रों की संख्या 1 लाख 61 हजार 412 है, जो कुल छात्रों का महज 0.5 फीसदी है।

उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात 25.8 फीसदी है। लड़कों में ये अनुपात 26.3 फीसदी, जबकि लड़कियों में 25.4 फीसदी है। भारत में पढ़ रहे विदेशी छात्रों की संख्या 46 हजार 144 है। ये छात्र 166 अलग-अलग देशों से आते हैं, जिनमें सबसे अधिक 24.9 फीसदी छात्र पड़ोसी देश नेपाल से हैं।