नए भारत के निर्माण में देश के 200 युवा सीईओ से मिले पीएम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उद्योग जगत का आह्वान करते हुए कहा कि वह देश के ग़रीब तबके के लिए काम करें। नई दिल्ली में देश के 200 युवा मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ विकास के एजेंडे पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2022 तक एक नए भारत के निर्माण के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री ने युवा उद्यमियों को अपने टीम का हिस्सा कहकर संबोधित किया।

देश की कंपनियों के युवा कार्यकारी अधिकारियों, सीईओ से प्रधानमंत्री से मुलाक़ात कई मायनों में ख़ास रही। इस मुलाक़ात में विकास की गति को बढ़ाने, रोजगार के ज़्यादा से ज़्यादा अवसर पैदा करने पर चर्चा हुई। कोशिश ये भी थी कि कैसे विकास को सबसे जोड़ा जाए। जहां विकास एक जन अभियान हो, जिसमें उद्योगों की भी ज्यादा भागीदारी हो।

इस मौके पर पीएम ने सबका आह्वान किया कि 2022 तक सबको अपने-अपने क्षेत्र में देश के लिए काम करना होगा।
पीएम ने गांवों से जुड़ी अर्थव्यवस्था और किसानों की बात कि और एग्रो उत्पाद पर ज़ोर देने और उसके लिए खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की नीति पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी विस्तार से चर्चा की।

एक बड़े नीतिगत बदलाव के ज़रिए यूरिया की उपलब्धता और डिजिटल इंडिया के अभियान में तेज़ी इसके उदाहरण हैं। उन्होंने युवा सीईओ के साथ अपने संवाद में नए विचारों पर बात करते हुए छोटे कारोबारियों के लिए जेम प्लेटफॉर्म का ज़िक्र किया।

युवा उद्यमियों से वार्ता और संवाद को आने वाले वक्त में संस्थागत रूप देने और युवा विचारों को सरकार की नीतियों का अंग बनाने का आह्वान किया। रोज़गार और पर्यटन पर नई दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने नए मौके पैदा करने और मौजूदा क्षमताओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

हेल्थ सहित कई क्षेत्रों में मौजूदा आयात पर चिंता जताते हुए पीएम ने उद्योग जगत से आह्वान किया कि इस पर काम करें। इस संवाद प्रक्रिया का हिस्सा बने कई सीईओ ने पीएम की इस पहल का स्वागत किया।
इस मौके पर पीएम ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के योगदान की प्रशंसा करते हुए संवाद की इन कोशिशों की सराहना की।