पीएम मोदी ने विश्‍व की सबसे लंबी सुरंग की राष्ट्र को समर्पित
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में विश्‍व की सबसे लंबी अटल सुरंग का उद्घाटन किया। 9.02 किलोमीटर की इस टनल के शुरु होने से मनाली और लेह के बीच सड़क की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। समुद्र तल से 10 हजार फुट की ऊंचाई पर अत्याधुनिक तकनीक और इलेक्टो-मैक्निकल प्रणाली से इसका निर्माण किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में अटल सुरंग का उद्घाटन किया। यह विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है। हिमालय क्षेत्र के पीर पंजाल पहाड़ियों में समुद्र तल से 10 हजार फुट की ऊंचाई पर अत्याधुनिक तकनीक और इलेक्टो-मैक्निकल प्रणाली से इसका निर्माण किया गया है। 9.02 किलोमीटर लंबी यह सुरंग मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ती है।

इससे पहले भारी हिमपात के कारण इस घाटी से संपर्क लगभग छह महीने के लिए बाधित हो जाता था। इस सुरंग से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा समय में चार से पांच घटे कम लगेंगे। अटल सुरंग से प्रतिदिन अधिकतम 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तीन हजार कार और डेढ हजार ट्रक गुजर सकेंगे।

घोड़े की नाल जैसा आकार और 9.02 किलोमीटर लंबाई

घोड़े की नाल जैसे आकार वाली यह सुरंग सिंगल ट्यूब डबल लेन वाली है। यह 10.5 मीटर चौड़ी है और मेन टनल के भीतर ही 3.6 x 2.25 मीटर की फायरप्रूफ इमर्जेंसी इग्रेस टनल बनाई गई है। 10,000 फीट की ऊंचाई पर इस टनल को बनाने में 10 साल लगे। इसे रोज 3,000 कारों और 1,500 ट्रकों का ट्रैफिक झेलने के लिहाज से बनाया गया है।

एक से एक तकनीकी खूबियों से लैस
मनाली-लेह हाइवे पर रोहतांग, बारालचा, लुंगालाचा ला और टालंग ला जैसे पास हैं और भारी बर्फबारी के चलते सर्दियों में यहां पहुंचना नामुमकिन हो जाता है। पहले मनाली से सिस्‍सू तक पहुंचने में 5 से 6 घंटे लग जाते थे, अब यह दूरी सिर्फ एक घंटे में पूरी की जा सकती है। यह टनल बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने बनाई है।

अटल टनल में हर 60 मीटर तक फायर हाइड्रेंट मैकेनिज्‍म है ताकि आग लगने की सूरत में उसपर जल्‍दी काबू पाया जा सके। हर 250 मीटर तक सीसीटीवी कैमरों से लैस ऑटो इन्सिडेंट डिटेक्‍शन सिस्‍टम है। हर एक किलोमीटर पर हवा की मॉनिटरिंग की व्‍यवस्‍था है। हर 25 मीटर पर आपको एग्जिट और इवैकुएशन के साइन मिलेंगे। पूरी टनल के लिए एक ब्रॉडकास्टिंग सिस्‍टम तैयार किया गया है।

हर 150 मीटर पर मिलेगा टेलीफोन कनेक्‍शन
अटल टनल में पहले और आखिरी 400 मीटर के लिए स्‍पीड लिमिट 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की गई है। बाकी दूरी में गाड़ी 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्‍पीड से चलाई जा सकती है। इस टनल के दोनों सिरों पर एंट्री बैरियर्स लगे होंगे। हर 150 मीटर पर इमर्जेंसी कम्‍युनिकेशन के लिए टेलीफोन कनेक्‍शंस हैं।

आज का दिन ऐतिहासिक

अटल सुरंग का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आज का दिन ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा आज सिर्फ अटल जी का ही सपना नहीं पूरा हुआ है। हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा इस टनल से बार्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई ताकत मिलेगी। जो कि देश की सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

पीएम ने कहा कि इस टनल से मनाली और केलॉन्ग के बीच की दूरी 3-4 घंटे कम हो ही जाएगी। जिससे वहां के लोगों को आने जाने में सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2002 में अटल जी ने इस टनल का शिलान्यास किया था। लेकिन बाद की सरकार ने इस काम को भुला दिया। 2013-14 तक टनल के लिए सिर्फ 1300 मीटर का काम हो पाया था।

जिस रफ्तार से अटल टनल का काम हो रहा था। अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। पीएम मोदी ने कहा अटल टनल के काम में 2014 के बाद अभूतपूर्व तेजी आई। नतीजा ये हुआ कि जहां हर साल पहले 300 मीटर सुरंग बन रही थी।उसकी गति बढ़कर 1400 मीटर प्रति वर्ष हो गई। सिर्फ 6 साल में 26 साल का काम पूरा किया गया।

पीएम ने कहा कि देश में ही आधुनिक अस्त्र-शस्त्र और मेक इन इंडिया हथियार बनें। इसके लिए बड़े रिफॉर्म्स किए गए हैं। लंबे इंतज़ार के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अब हमारे सिस्टम का हिस्सा है। पीएम मोदी ने कहा कि पुरानी सरकार ने हमारे सैन्य क्षमता को मजबूत होने से रोका। लेकिन अब देश में ये स्थिति बदल रही हैं।