कानपुर: एनकाउंटर के बाद विकास दुबे की पत्नी और बेटे को पुलिस ने छोड़ा

यूपी एसटीएफ की जो टीम विकास दुबे को ले जा रही थी, वह कानपुर से पहले पलट गई। इसके बाद उसने भागने की कोशिश की थी। उत्तर प्रदेश के मोस्टवांटेड विकास दुबे का एनकाउंटर हो गया है। शुक्रवार सुबह करीब 6.30 बजे उज्जैन से कानपुर ले जाते समय उसने भागने की कोशिश की। दरअसर, यूपी एसटीएफ की जो टीम विकास दुबे को ले जा रही थी, उसकी एक गाड़ी कानपुर से पहले पलट गई थी। इस तरह मौका पाकर विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। दोनों तरफ से फायरिंग हुई। विकास दुबे को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन उसकी मौत की खबर भी आ गई। पुलिस और डॉक्टरों ने आधिकारिक घोषणा कर दी है। विकास दुबे की कमर और सीने में करीब 4-5 गोलियां लगी थीं।

विकास दुबे की पत्नी और बेटे को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ा। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने की पुष्टि। उनका कहना है कि ऋचा की कोई भूमिका नही मिली है। वह घटना के वक्त बिकरू में नहीं थी। विकरू गांव में सीओ त्रिपुरारी पांडे और नायब तहसीलदार अतुल हर्ष श्रीवास्तव ने दुर्दांत विकास के ख़ास नौकर दयाशंकर अग्निहोत्री की घटना के बाद से बंद पड़ी सरकारी गल्ले की दुकान की जांच में सात हथगोले मिले। पुलिस ने उनको निष्क्रिय कराया।