आगरा के ट्रिपल मर्डर का खुलासा पुलिस ने 24 घंटे के अंदर कर दिया, तीन लाख की उधारी नहीं चुकाने पर तीन लोगों को मार दिया गया

आगरा : पति-पत्नी और बेटे का हाथ-पैर बांधकर जिंदा जला देने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि तीन लाख की उधारी नहीं चुकाने पर तीन लोगों को मार दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ में पड़ोस में रहने वाले दो युवक को पकड़ लिया गया है जबकि एक की तलाश जारी है। आरोपियों से लूट के 80 हजार रुपए के साथ जेवर और असलहा भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने अपना जुर्म कबूला कर लिया है।

ये है मामला :

आगरा के फाउंड्री नगर (एत्मादुद्दौला) के नगला किशनलाल में सोमवार की सुबह घर में पति-पत्नी और बेटे के जले हुए शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। गला घोंटकर हत्या के बाद तीनों के शवों को आग लगाई गई थी। तीनों के हाथ-पैर और मुंह टेप से चिपके हुए थे। मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई गई थी। एक तरफ मोहल्ले वाले जहां इसे लूट के दौरान हत्या बता रहे थे वहीं पुलिस इसे रंजिश के नजरिए से देख रही थी।

घटना की जानकारी सुबह करीब छह बजे हुई। 55 वर्षीय रामवीर सिंह, पत्नी मीरा (50) और बेटे बबलू (25) की हत्या रविवार रात हुई थी। दो कमरे के मकान में ही बबलू परचून की दुकान चलाता था। सुबह मोहल्ले का कोई ग्राहक दूध लेने आया था। दुकान बंद थी। उसने आवाज लगाई। किसी ने आवाज नहीं सुनी तो ग्राहक लौटने लगा। सामने ही एक घर में रामवीर का भाई भूरी सिंह रहता है। उसकी पत्नी सुमन बाहर खड़ी थी। ग्राहक ने सुमन से पूछा आज बबलू ने दुकान क्यों नहीं खोली। सुमन यह देखने आई। घर के अंदर पहुंची। दोनों कमरों के दरवाजे खुले हुए थे।

उसने देखा कि रसोई के दरवाजे की बाहर से कुंडी बंद है। दरवाजे के नीचे से धुंआ बाहर आ रहा है। उसने दरवाजा खोला। अंदर तीनों के शव पड़े थे। आग सुलग रही थी। यह देख वह चीखते हुए बाहर की तरफ भागी। शोर सुनकर बस्ती वाले जमा हो गए। आनन-फानन में बस्ती वालों ने तीनों को बाहर निकाला। आग बुझाई। तीनों ने दम तोड़ दिया था। बस्ती में सैकड़ों की भीड़ जुट गई। यह देख कई थानों का फोर्स बुला लिया गया था। पीएसी बुलाकर चारों तरफ लगा दी गई थी।

हत्या के बाद घर उड़ाने की साजिश थी

नगला किशनलाल (एत्मादुद्दौला) में तिहरे हत्याकांड के बाद रामवीर सिंह का घर उड़ाने की साजिश रची गई थी। ताकि पुलिस सनसनीखेज वारदात को हादसा मान ले। या फिर यह सोचे कि पूरे परिवार ने खुदकुशी कर ली। संयोग से हत्यारों के ये मंसूबे पूरे नहीं हो सके। प्रारंभिक छानबीन में साफ हुआ कि पत्नी-पत्नी एक कमरे में सो रहे थे। बेटा दूसरे कमरे में था। तीनों की गला घोंटकर हत्या के बाद शवों को रसोई में लाया गया था। रसोई में रखे गैस सिलेंडर का पाइप निकालकर आग लगाने की कोशिश की गई। सिलेंडर में गैस कम थी। इसलिए बाद में मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई गई।

प्रारंभिक छानबीन के बाद माना जा रहा है कि जिसने भी वारदात की है उसने अपना पूरा दिमाग चलाया है। साक्ष्यों को नष्ट करने, पुलिस को गुमराह करने की पूरी साजिश रची गई है। छानबीन के लिए फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया था। पुलिस ने देखा कि सिलेंडर से पाइप निकला हुआ था। पुलिस ने सिलेंडर उठाकर देखा। वह हल्का था। पास की एक प्लास्टिक की कट्टी पड़ी थी। उसमें मिट्टी के तेल की दुर्गंध आ रही थी। मरने वालों के कपड़ों से भी मिट्टी के तेल की दुर्गंध आ रही थी। पुलिस मान रही है कि सिलेंडर में गैस होती तो पूरा घर ही खाक हो जाता।

पूरी तरह जले हुए शव मिलते। अभी हाथ-पैर और मुंह से टेप चिपका हुआ मिला। इसी आधार पर माना गया कि यह मामला तिहरे हत्याकांड का है। पुलिस को एक कमरे में बक्सा भी खुला हुआ मिला। पुलिस यह मान रही है कि हत्या के बाद घटना को लूट का दर्शाने का प्रयास किया गया है। कोई लूट करने आता तो हत्या के बाद शवों को जलाने का प्रयास नहीं करता। यह मामला रंजिश और घृणा से जुड़ा लग रहा है। छानबीन जारी है। जल्द ही कोई न कोई सुराग मिलेगा।

एक घर में चल रहा था जागरण, दबा शोर
पुलिस मान रही है कि वारदात रेकी के बाद की गई है। रविवार की रात रामवीर सिंह के घर के पास ही राकेश के घर देवी जागरण था। वहां पूरी रात देवी के भजन चल रहे थे। इस कारण शोर अधिक था। बदमाशों को यह जानकारी थी। उन्होंने इस समय वारदात इसलिए की ताकि कोई चीखे-चिल्लाए तो उसकी आवाज पड़ोसियों तक नहीं जाए। ऐसा ही हुआ। तीन लोगों की हत्या हुई। शव जलाने का प्रयास किया गया। किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह घटना की जानकारी हुई।