लुटियन जोन के सरकारी बंगलों पर अभी भी राजनीतिक दल काबिज

इस ख़बर को शेयर करें:

सुप्रीम कोर्ट ने बंगलों को खाली करने का दिया था आदेश,सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भाजपा ने किया अनुपालन

दिल्ली के लुटियन जोन स्थित सरकारी बंगलों में राजनीतिक पार्टियां अब भी जमी हुईं हैं। इन पार्टियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, जिसमें कहा गया था कि वे लुटियन जोन से अपने दफ्तर खाली करें। इन सब के बीच भरतीय जनता पार्टी अपने नये भवन में प्रवेश करने के साथ साथ पार्टी का सारा काम यहीं से संचालित कर रही है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश बेअसर लुटियन जोन के बंगलों पर पार्टियों का कब्जा अभी भी बरकरार है।

सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि 10 बंगलों पर अब भी राजनीतिक पार्टियों ने अपना प्रभुत्व जमाया हुआ है।  कुल 10 बंगलों में सबसे ज्यादा चार अलॉट किया गया है। भाजपा और कांग्रेस को 8 सुइट्स अलॉट हुए हैं। जनता दल यू के पास दो, जबकि राष्ट्रीय जनता दल, एआइएडीएमके, शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, राष्ट्रीय लोकदल, जनता दल और आम आदमी पार्टी को एक-एक मिला है।यहां पर बता दें कि भारतीय जनता पार्टी दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर पार्टी के नए दफ्तर के निर्माण के साथ साथ यहां से अपनी सारी राजनीतिक गतिविधियों को संचालित कर रही है ।

भारतीय जनता पार्टी का यह कदम दूसरे दलों के लिये एक नजीर है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट का इस बाबत स्पष्ट आदेश है कि सभी राजनीतिक दल लुटियन जोन के बंगलों को खाली करें और इन पार्टियों को अपने दफ्तर खोलने के लिए जमीन दी जाए। तीन साल के भीतर बंगले खाली करने के लिए कहा था । राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को लुटियन जोन में अपना मुख्यालय बनाने के लिए यहां बंगले आवंटित किए जाते हैं। वहीं, भारतीय प्रेस क्लब, एफसीसी तथा ऐसे ही अन्य संगठनों को भी लुटियन में बंगले आवंटित किए जाते हैं।