नौकरी की चाहत छोड़ पोस्ट ग्रेजुएट कु.अंजली नौकरी देने लायक बनीं

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उमरिया @ मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो मंजिल तक पहुंचना मुश्किल नही होता। मेहनत, लगन एवं निष्ठा से किये गये काम से व्यक्ति निश्चित ही एक दिन सफलता की बुलंदियों को छू लेता है। इसे नगर की एम.काम. विषय से पोस्ट ग्रेजुएट 22 वर्षीय कु. अंजली अग्रवाल पिता अजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से ऋण लेकर आर ओ वाटर एण्ड चिल्ड वाटर का पावर प्लांट नगर के मध्य स्थित सेन्ट्रल बैंक के बगल से गोपाल मंदिर रोड उमरिया में स्थापित कर दिखाया है। प्लांट से प्रतिदिन 700 डिब्बे शुद्ध पानी की सप्लाई कर जहां एक ओर दुआएं बटोर रही है वहीं बैंक की किस्त अदायगी के बाद 15 से 20 हजार महीने आमदनी कमा रही है।

कु. अंजली अग्रवाल ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद जाब करने के लिए नौकरी की तलाश की, नही मिलने पर उनकी नजर अखबार में छपे विज्ञापन पर पड़ी जिसमें शिक्षित बेरोजगारो के लिए स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए सुनहरा अवसर छपा था। पढ़ने के बाद अंजली को पता चला कि यह योजना जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा बेरोजगारो के लिए स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए चलाई गई है जिसमें शासन द्वारा अनुदान एवं बैंक द्वारा ऋण की सुविधा भी दी जा रही है, उसके बाद अंजली ने स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए मन में संकल्प लिया और अपने पिता के साथ अगले ही दिन उद्योग कार्यालय पहुचकर योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

अंजली पिता अजय अग्रवाल एवं परिवार के साथ व्यवसाय के संबंध में गहन चर्चा की जिसमें उसे हौसला दिया और हर संभव सहयोग का वायदा भी किया। अंजली के दिमाग में यह बात आई कि उमरिया नगर में पेयजल की कठिनाईयां अधिक है क्यो न शुद्ध पेयजल हेतु प्लांट डालकर काम शुरू किया जाए। उद्योग विभाग में आवेदन करने के पश्चात 12 लाख का प्रकरण स्वीकृत करते हुए सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया में प्रेषित किया गया और बैंक ने भी उनकी जिज्ञासा को भांपते हुए सहजतापूर्वक ऋण स्वीकृत कर दिया गया।

प्लांट के माध्यम से 20 लीटर की केन में समस्त शासकीय एवं अर्द्धशासकीय कार्यालय, होटल, घरों में पानी की नियमित आपूर्ति की जा रही है। अंजली के कुशल व्यवहार से व्यवसाय लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रत्येक माह औसतन 2 से 2.50 लाख रूपये की बिक्री हो रही है जिसमें पूरा खर्च एवं बैंक किस्त अदायगी के पश्चात 25 से 30 हजार रूपये मासिक रूप से घर बैठे कमा रही है। अब अंजली को न तो नौकरी की चिंता है और न ही अन्य किसी व्यवसाय से जुड़ने की।

होनहार कु. अंजली ने अपने पिता से यह कहा है कि मेरे विवाह में किसी भी प्रकार का दहेज नही देंने दूंगी उसका पूरा खर्चा व्यवसाय से प्राप्त धन से करूंगी। बेटी की इस तमन्ना से पूरा परिवार इस बात से गौरान्वित हो रहा है कि शायद बेटा भी ऐसा नही कर सकता। अब तो अंजली महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री की उद्यमी योजना महिलाओ को सशक्त करने में मील का पत्थर साबित हो रही है।

अंजली ने इस व्यवसाय से जुड़ने का पूरा श्रेय सहायक प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र एच एस द्विवेदी तथा अपने पिता अजय अग्रवाल को दिया है, जिनकी प्रेरणा से आज ये फलीभूत हो रही है। अंजली अग्रवाल ने बताया कि आर ओ वाटर की इकाई लगने के बाद पंपलेट एवं लाउण्ड स्पीकर के माध्यम से इकाई का प्रचार प्रसार किया लेकिन पहले लोगों ने रूचि नही दिखाई, बाद में आर ओ वाटर की यह इकाई तेजी से चल निकली। अंजली अग्रवाल ने बताया कि ऋण पर 15 प्रतिशत तथा ब्याज पर 5 प्रतिशत अनुदान मिल रहा है। दुकान में लगभग 25 लाख की मशीनरी एवं अन्य सामग्री मौजूद है।