प्रयागराजः एटा के वकील के साथ पुलिस बर्बरता मामले में सीजेएम ने दाखिल की जांच रिपोर्ट

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प्रयागराज. एटा में वकील राजेंद्र शर्मा के साथ पुलिस की बर्बरता के मामले में एटा सीजेएम ने पूरी घटना की जांच रिपोर्ट हाई कोर्ट में दाखिल की है. 11 जनवरी को हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई होगी. हाईकोर्ट ने आठ जनवरी को सुनवाई के बाद सीजेएम को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था.

इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका कायम की है. एटा में पुलिस द्वारा वकील राजेंद्र शर्मा के खिलाफ की गयी बर्बरता का वीडियो वायरल हुआ था. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र ने भी चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था. चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस एसएस शमशेरी की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई.

उप्र बार काउंसिल की ओर से एटा के अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा और उनके रिश्तेदारों पर पुलिस बर्बरता और दुर्व्यवहार के मामले में जांच कमेटी गठित की गई थी. जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट काउंसिल की कार्यकारिणी के समक्ष रखी. रिपोर्ट में पुलिस के कृत्य को अमर्यादित और गैर कानूनी बताया गया है.

कहा गया कि मामले में डीएम और एसएसपी की भूमिका नियमों से परे है. निर्णय लिया गया कि मामले की रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष रखने के साथ सीजेएम एटा को भी तुरंत सौंपी जाए तथा घटना की सीबीआई या सीबीसीआईडी जांच कराई जाए. बार काउंसिल ने एटा मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी.

कमेटी ने बैठक में कार्यकारिणी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डीएम और एसएसपी की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया था. कहा कि 21 दिसंबर की घटना के वायरल हुए वीडियो में अधिवक्ता के खिलाफ पुलिस बर्बरता साफ दिखाई दे रही है. बार काउंसिल के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रापर्टी के मामले में उससे कोई लेना-देना नहीं है लेकिन जिस तरह से पुलिस ने बर्बरता दिखाई वह सरासर गलत और नियम से परे है.