प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि योजना का लाभ पाने के लिए आए 87 हजार आवेदनों में 52000 निकले फर्जी

जबलपुर। जबलपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र में प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि योजना का लाभ पाने के लिए आए 87 हजार आवेदनों में 52 हजार फर्जी निकले, जिन्हे आज बुधवार को निरस्त कर दिया गया है, इस बात का खुलासा आवेदनों की स्कूटनी के बाद हुआ है । बताया गया है कि शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि योजना (स्ट्रीम वेंडर्स) शुरु की गई ताकि लोग स्वयं का कारोबार कर सके, इस योजना का लाभ पाने के लिए पात्र से ज्यादा अपात्रों ने पंजीयन कराकर आवेदन कर दिए ।

इस तरह से करीब 87 हजार आवेदन प्राप्त किए गए, लेकिन जब इन आवेदनों की स्कूटनी की गई तो अधिकारी भी हतप्रभ रह गए, 87 हजार में 52 हजार अपात्र निकले. अधिकारियों ने बताया कि टीम द्वारा अपने जोनल कार्यालयों में जमा किए गए आवेदनों की जांच में यह खुलासा हुआ है ।

जिन्हे निरस्त करने का निर्णय लिया गया है, हालांकि आवेदनों के निरस्त किए जाने के बाद नगर निगम के अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गई है कि क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 सितम्बर को देशभर के कई स्ट्रीट वेंडर से वर्चुअल बातचीत करेगें, इसे लेकर भी नगर निगम द्वारा तैयारियां की जा रही है।

गौरतलब है कि कोरोना ने 20 मार्च माह में जबलपुर को अपनी जकड़ में ले लिया था, जून तक लगभग सारा कारोबार ठप ही रहा, इस बीच पथविक्रेताओं को लाभ दिलाने के लिए इस योजना को बड़ी राहत माना जा रहाथा, लेकिन इसका लाभ लेने के लिए पात्रों से ज्यादा अपात्रों ने आवेदन कर दिए