झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघर लोगों के लिए 20,051 पक्के मकान

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झारखंड की राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की प्रमुख आवास योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत राज्य में गरीब लोगों को 20,051 पक्के घर वितरित किये हैं। लाभार्थियों को राज्य सरकार द्वारा सभी घर बिजली, शौचालय और पानी जैसी सभी सुविधाओं के साथ प्राप्त होंगे। सरकार इन घरों में गैस सिलेंडर और गैस चूल्हे भी प्रदान करेगी।

अधिसूचना के अनुसार, इन नव निर्मित घरों को महिला प्रमुख के नाम पर पंजीकृत किया जायेगा। सरकार ने प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) – शहरी के तहत राज्य में लगभग 91,000 घरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। झारखंड सरकार प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत जल्द ही प्रदेश में 1.27 लाख घरों के निर्माण के लिए मंजूरी देगी।

झारखंड प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रत्येक लाभार्थी के लिए 30 वर्गमीटर के क्षेत्रफल के साथ 20,051 घरों का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले सभी घरों को सभी बुनियादी आवासीय सुविधाओं से डिजाइन और निर्मित किया जा रहा है। सभी घरों में दो कमरे, एक रसोईघर और एक शौचालय होगा। घरों की निर्माण की लागत लगभग 3.57 लाख रुपये है।

घर की कुल लागत में से राज्य सरकार द्वारा 75,000 रुपये जबकि 1,50,000 रुपये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किये जाएंगे। शेष राशि जो कि 1.33 लाख रुपये है लाभार्थी को ही भुगतान करना होगा। इसके अलावा, एक महीने के भीतर इस योजना के तहत सभी घरों में बिजली और जल कनेक्शन मिलेगा, जबकि BPL परिवारों को LPG कनेक्शन भी मिलेंगे।

प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY)

प्रधानमंत्री आवास योजना एक केंद्रीय प्रायोजित आवास योजना है जिसे 2015 में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था। शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय शहरी क्षेत्रों में आवास योजना के कार्यान्वयन के बारे में सभी प्रक्रियाओं को तैयार कर रहा है।

PMAY के लाभार्थियों की सूची SECC-2011 के आंकड़ों के आधार पर तैयार की जा रही है जो कि परिवार की आय सहित कई कारकों पर आधारित है। इस योजना का उद्देश्य 2022 के वर्ष तक सभी बेघर नागरिकों को सस्ती और पर्यावरण अनुकूल घर प्रदान करना है।