यूनिक कोड आईडेंटीफिकेशन की कार्यवाही 30 अप्रैल तक

भिण्ड @ संचालनालय कोष एवं लेखा म.प्र.भोपाल के निर्देशानुसार कोषालयीन कम्प्यूटर प्रणाली में समस्त संविदा पर रखे गए कर्मचारियों के वेतन के आहरण एवं भुगतान के लिए ऑनलाईन देयक जनरेट करने की सुविधा उपलब्ध है। कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी द्वारा जारी निर्देशों में कहा है कि प्रत्येक कर्मचारी को एक यूनिक आईडेंटिफिकेशन कोड देने के साथ समस्त सुसंगत विवरण कोषालय कम्प्यूटर प्रणाली में दर्ज करने के दिशा निर्देश जारी किए गए है।

जिसमें विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के यूनिक आईडेंटीफिकेशन करने की प्रक्रिया अन्य कर्मचारियों के लिए एम्पलॉय कोड जनरेट करने की प्रक्रिया के समान है। इसलिए संविदा कर्मियों के यूनिक आईडेंटीफिकेशन कोड की शुरूआत अंग्रेजी अच्छर सी से होती है। संविदा कर्मियों के यूनिक आईडेंटीफिकेशन कोड बनाने एवं उनके वेतन ऑनलाईन जनरेट करने के लिए समय समय पर डीडीओ को निर्देश दिए गए है।

अधिकांश विभागो में संविदा कर्मियों के कोड अभी तक नहीं बनाए गए है। साथ ही उनके वेतन भौतिक देयक के मान से आहरित किए जा रहे हैं। जिन कार्यालयों मे यूनिक आईडेंटीफिकेशन कोड बना लिए है। उनमें कोई आहरण अधिकारी द्वारा संविदा कर्मियों के वेतन देयक ऑनलाईन जनरेट नहीं किए जा रहे है। संविदा कर्मियों के वेतन वेण्डर के रूप में आहरित किए जा रहे है।

इसलिए अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे प्रत्येक संविदा कर्मी का यूनिक आईडेंटीफिकेशन कोर्ड कोषालय कम्प्यूटर प्रणाली में बनाने का कार्य 30 अप्रैल तक पूर्ण किया जावे। साथ ही देयक अनिवार्य सिस्टम जनरेटेड तैयार किए जावे। आगामी 1 जून 2018 से बिना यूनिक कोड के संविदा कर्मचारियों का वेतन आहरित नहीं होगा। इसलिए समस्त डीडीओ इस कार्य को प्राथमिकता प्रदान करें। साथ ही कोषालय के माध्यम से समय सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करें।