शासकीय सेवकों द्वारा किये जाने वाले समस्त आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन-कलेक्टर डॉ.शर्मा

दमोह | शासकीय सेवकों द्वारा किये जाने वाले समस्त आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन की जायेगी। इस हेतु कोष एवं लेखा द्वारा एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएफएमआईएस) अंतर्गत (एचआरएमआईएस) के पे-रोल माड्यूल को प्रदेश में लाइव किया जा चुका है, अब ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन की सुविधा भी शासकीय सेवकों को उपलब्ध करा दी गई है। इस आशय की बात आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित ईएसएस, पे-फिक्सेशन, इंक्रीमेंट संबंधी प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने कही। इस मौके पर अपर कलेक्टर व्ही.के.देसाई, सीईओ जिला पंचायत अशोक कुमार ओहरी, खासतौर पर मौजूद थे।

प्रशिक्षण के दौरान जिला कोषालय अधिकारी आर.के.मिश्रा ने बताया एम्पलाई सेल्फ सर्विस माड्यूल अंतर्गत शासकीय सेवक द्वारा सक्षम अधिकारी को दिये जाने वाले समस्त प्रकार के आवेदन यथा अवकाश, जीपीएफ, अनापत्ति प्रमाण पत्र, व्यक्तिगत विवरण में परिवर्तन, टी.ए., मेडीकल, अग्रिम ऋण आदि से संबंधित भुगतान दावे, सम्पत्ति क्रय, वार्षिक सम्पत्ति विवरण आदि संबंधी सूचनाओं के आवेदन आनलान करने की प्रक्रिया 1 अगस्त 2017 से प्रारंभ की गई गई है। यह सुविधा इंटरनेट एवं स्मार्टफोन पर भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया 30 जुलाई 2017 के पश्चात कोई भी आवेदन भौतिक रूप से प्राप्त, निराकृत नहीं किया जायेगा, जीपीएफ, टीए, मेडिकल आदि समस्त दावों की स्वीकृति एवं देयक जनरेशन केवल आईएफएमआईएस से तैयार किये जायेंगे।

इसके लिये कार्यालय को अपनी आफिस हायरारकी पूर्ण करना होगी। प्रत्येक शासकीय सेवक को पासवर्ड दिया जायेगा, लागिन शासकीय सेवकों का एम्पलाई कोड होगा। पूर्व में शासकीय सेवकों को लागिन, पासवर्ड प्रदाय किये गये हैं यह कार्य शत प्रतिशत पूर्ण किया जाये। कर्मचारियों को अपने पासवर्ड डीडीओ से प्राप्त कर उन्हें उपयोग कर रीसेट करना होगा, इस कार्यवाही को 31 जुलाई के पूर्व करना सुनिश्चित करें।

सागर कोषालय से आये प्रोग्रामर अनिल पाण्डे ने प्रशिक्षण में बताया 1 अगस्त 2017 से शासकीय सेवकों द्वारा सक्षम स्तर पर दिये जाने वाले समस्त आवेदन ऑनलाइन प्राप्त होने पर ही मान्य किये जायेंगे, इस हेतु आवश्यक सुविधा आईएफएमआईएस के अंतर्गत प्रत्येक शासकीय सेवक को उपलब्ध कराई गई है। ऐसे शासकीय सेवक जिनके कार्यालय में ईएसएस मॉड्यूल प्रारंभ किया जा चुका है, वह मॉड्यूल के द्वारा ही ऑनलाइन आवेदन दे सकेंगे एवं अन्य कर्मचारी जिनके कार्यालय में ईएसएस मॉड्यूल प्रारंभ नहीं हुआ है, वे इंटरनेट के माध्यम से url http://mptreasury.gov.in/tramsfer पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने बताया शासकीय सेवकों की यूजर आईडी उनका एम्पलाय कोड होगा तथा पासवर्ड संबंधित कार्यालय प्रमुख द्वारा दिया जायेगा। वर्तमान स्थिति मूं 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों को पासवर्ड प्रदान किये जा चुके हैं। जिन कर्मचारियों को पासवर्ड उपलब्ध नहीं है, वे अपने कार्यालय प्रमुख, आहरण अधिकारी से पासवर्ड प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया ऐसे कर्मचारी जो किसी कारणवश ऑनलाइन आवेदन करने में समर्थ नहीं है, अपना आवेदन लिखित में आफलाइन दे सकेंगे, परन्तु कार्यालय के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी का यह दायित्व होगा कि वह संबंधित कर्मचारी की ओर से आवेदन सामान्य प्रशासन विभाग ऑनलाइन सिस्टम पर पंच करें एवं आवेदन की स्केन कॉपी अपलोड करें।

कर्मचारी अपने आवेदन का प्रिंट निकालकर सुरक्षित रख सकेगा। कार्यालय द्वारा दी जाने वाली स्वीकृति, आदेश का प्रिंट कार्यालय प्रमुख, विभाग प्रमुख द्वारा लिया जाकर, हस्ताक्षर कर, कर्मचारी के अभिलेख में रखा जायेगा। कर्मचारी के सेवा अभिलेख के पूर्व वर्षो की महत्वपूर्ण घटनायें आईएफएमआईएस में दर्ज किये जायेंगे तथा सेवापुस्तिका की स्केन कॉपी सुरक्षित रखी जाये। पूर्व वर्षो की सेवा पुस्तिका की स्केन कापी तथा आगामी कार्यवाहियों की सॉफ्ट कॉपी मिलाकर सेवा पुस्तिका तैयार होगी। उक्त डिजीटल सेवा पुस्तिका की वही प्रमाणिकता होगी जो सेवापुस्तिका की है। प्रत्येक स्वीकृति डिजिटली हस्ताक्षरित की जायेगी।

उन्होंने बताया इन प्रक्रियाओं के पालन में समस्या आने पर टीसीएस के हेल्पडेस्क नम्बर 18001028244 पर सम्पर्क करें एवं संचालनालय कोष एवं लेखा म.प्र. भोपाल को अवगत कर सकेंगे। इस अवसर पर एसडीएम दमोह नंदलाल सामरथ, पथरिया एस.के.अहिरवाल, हटा डॉ. सीपी.पटैल, तहसीलदार मनोज श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आर.के.बजाज, सिविल सर्जन बी.आर.अग्रवाल, पेंशन अधिकारी हेमलता पटैल, सहायक कोषालय अधिकारी राम अहिरवाल सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण मौजूद थे।