बाल श्रम उन्मूलन हेतु जन-जागरूकता लाए -जिलाधिकारी

लखनऊ@ जिलाधिकारी श्री कौशल राज शर्मा ने बाल श्रम उन्मूजन हेतु जनपद में जन-जागरूकता लाने हेतु एन0एस0एस0,सी0डब्लू0सी0, चाइल्ड लाइन, एन0सी0एल0वी0 लखनऊ के अतिरिक्त समाज के स्व्यं सेवी संगठनों/ सिविल सोसादटी संगठन, व्यापार मण्डल, आई0आई0एम0 का भी अपेक्षित सहयोग लेने के निर्देश दिये है। उन्होने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया की आगामी 14 सितम्बर 2017 को बाल श्रम उन्मूलन हेतु जन-जागरूकता रैली निकाली जाये तथा 15 सितम्बर 2017 को चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाए।

जिलाधिकारी ने बाल श्रम की समस्या जड़ से खत्म करने की दिशा में समाज के सभी प्रबुद्ध एवं समाज सेवी वर्गो से सहयोग किये जाने की अपेक्षा की तथा बाल श्रम चिन्हांकन संतोष जनक न होने पर रोष व्यक्त करते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के भी निर्देश दिये। साथ ही सभी श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना लखनऊ के अन्तर्गत प्रस्तावित विशेष प्रशिक्षण केन्द्र मे सर्वेक्षित/ चिन्हित बाल श्रमिकों का प्रवेश शत- प्रतिशत सुनिश्चित कराये।

जिलाधिकारी श्री शर्मा सभागार में बाल श्रम उन्मूलन समिति एवं राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना की प्रस्तावित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। आयोजित बैठक में 69 विशेष प्रशिक्षण केन्द्र खोले जाने का निर्णय लिया गया।

जिलाधिकारी ने इन केन्द्रो का संचालन उच्च शैक्षणिक संस्थाओं/स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से किये जाने हेतु ई-टेण्डर के आधार पर केन्द्र आवंटन किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने बताया कि इन विशेष प्रशिक्षण केन्द्रो में सर्वेषित 09 से 14 आयु वर्ग के 2714 बाल श्रमिक को प्रवेशित किया जायेगा। इन प्रशिक्षण केन्द्रो में पढ़ने वाले बाल श्रमिको को रू0 150/-प्रतिमाह की दर से नियमानुसार छात्रवृत्ति, निःशुल्क ड्रेस, निःशुल्क पुनर्वास 2 वर्ष की अवधि तक कराते हुए शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा।

उन्होने शहरों की मुख्य बाजारों तथा बाल श्रम बाहुल्य क्षेत्रों में बाल श्रम के उन्मूलन हेतु पोस्टर और बैनर भी लगाये जाने तथा जिला स्तर पर सतर्कता एवं निगरानी समिति बनाये जाने के भी निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने बाल श्रम की समस्या पर असंतोष व्यक्त करते हुए सहायक श्रमायुक्त श्री रवि श्रीवास्तव को निर्देशित किया कि वे समस्त श्रम पवर्तन अधिकारियों का स्पष्टीकरण ले कि उनके द्वारा बाल श्रम चिन्हांकन में शासन द्वारा निर्धारित बाल श्रमिक का चिहांकन में क्यो लापरवाही बरती गयी। उन्होने कहा कि बाल श्रम अधिनियम के जो प्राभीयोजन न्यायालय में लम्बित है उनकी प्रभावी पैरवी करें और प्रतिकर की वसूली शीध्र कराये जाने के भी निर्देश दिये।