रायसीना डायलॉग: पूरे विश्व की निगाहें भारत की ओर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जब नई दिल्ली में दूसरे रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे तो एक बार फिर पूरे विश्व की निगाहें भारत की ओर होंगी। विदेश मंत्रालय, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के साथ मिलकर इस सम्मेलन के दूसरे सत्र का आयोजन कर रहा है। डायलॉग की थीम “दि न्यू नॉर्मल: मल्टीलेटरलिज्म विद मल्टी-पोलैरिटी” है।

इस सम्मेलन में नई चुनौतियों एवं साइबर सुरक्षा सहित कई रणनीतिक मुद्दों पर मंथन होगा। भारत लगातार ये कहता रहा है कि आतंकवाद और अतिवाद की चुनौती से लड़ने के लिए पूरे विश्व को मिलकर काम करना होगा।

इस सम्मेलन में नई चुनौतियों एवं साइबर सुरक्षा सहित कई रणनीति मुद्दों पर मंथन होगा। भारत के महत्वाकांक्षी भू-राजनीतिक सम्मेलन रायसीना डायलॉग में 65 देशों के 250 से ज्यादा प्रतिनिधियों के हिस्सा लेंने की उम्मीद है। रायसीना डायलॉग भारत का महत्वाकांक्षी भू-राजनीतिक सम्मेलन है जिसका आयोजन हर साल किया जाना है और बहुत कम समय में यह अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में बहुप्रतीक्षित वैश्विक सम्मेलन के तौर पर उभरा है ।

इस सम्मेलन में एक उद्घाटन समूह होगा जिसमें भारत के विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर, नेपाल के विदेश मंत्री प्रकाश शरण महत, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रड और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार गौहर रिजवी हिस्सा लेंगे।

सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरस का एक वीडियो संदेश भी प्रसारित किया जाएगा। 18-19 जनवरी को मंत्री स्तरीय कई नेता इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे। पिछले साल मार्च में हुए इस सम्मेलन में करीब 40 देशों के 120 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था ।