राजस्थान सरकार पर छाए संकट के बादल, कई विधायकों के फोन स्विच ऑफ

राजस्थान में सियासी ड्रामा फिर से शुरू हो गया है. सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार गिराने की साजिश चल रही है। अशोक गहलोत ने आरोप जड़ा कि बीजेपी उनकी सरकार को गिराने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे बीजेपी के केंद्रीय नेता कोरोना संकटकाल में भी साजिश रच रहे हैं। यह कुछ वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है, जैसे मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तमाम विधायक पहले हरियाणा के गुड़गांव और फिर कर्नाटक में जाकर एक रिसोर्ट में ठहरे थे।

रोचक है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी यंग ब्रिगेड के अहम सदस्य रहे पायलट और सिंधिया दोनों आपस में बहुत अच्छे दोस्त हैं। तमाम चर्चाओं के बीच एक चर्चा यह भी है कि पायलट बीजेपी के संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की ओर से जब संपर्क करने की कोशिश की गई तो राजस्थान के कई विधायकों के फोन स्विच ऑफ मिले। पता चला है कि कांग्रेस महासचिव एवं राज्य के प्रभारी अविनाश पांडे भी शनिवार को जयपुर पहुंचे। वहीं, बीजेपी के बहाने राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आमने-सामने आ गए हैं।

तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच सीएम अशोक गहलोत ने देर रात अपने मंत्रियों की एक बैठक बुलाई जिसमें पायलट और उनके तमाम समर्थक मंत्री शामिल नहीं हुए। पायलट के कहा जा रहा है कि दिल्ली में होने के चलते वह उस बैठक में शामिल नहीं हो पाए। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष होने के बावजूद राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर पार्टी द्वारा उन्हें सीएम ने बनाए जाने पर पहले से ही नाराजगी चल रही है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार गिराने की साजिश का खुलासा करने का दावा किया है। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जब एक बार मुख्यमंत्री बन गया, तो बाकी लोगों को शांत हो जाना चाहिए और काम करना चाहिए। गहलोत का इशारा पायलट की तरफ था। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के जरिए अशोक गहलोत सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद से हटाने का दबाव भी आलाकमान पर बना सकते हैं। इसके चलते राजस्थान की राजनीति में बवाल मचा हुआ है।