पीएम के लिए प्रचार करने वाले राजस्थान के गवर्नर कल्याण सिंह पर होगी कार्रवाई, राष्ट्रपति ने दिया गृह मंत्रालय को आदेश

इस ख़बर को शेयर करें:

पीएम नरेन्द्र मोदी को लोकसभा चुनाव में जितवाने की अपील करने वाले राजस्थान के गवर्नर कल्याण सिंह के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में कार्रवाई होगी. देश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी राज्यपाल ने पद पर रहते हुए किसी प्रधानमंत्री के पक्ष में चुनाव प्रचार किया है.

इस मामले में निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया था और गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस बाबत भेजी गई रिपोर्ट को आगे बढ़ा दिया है. राष्ट्रपति ने राज्यपाल कल्याण सिंह द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन पर चुनाव आयोग के पत्र को गृह मंत्रालय को भेज दिया है. इसमें उन्होंने मंत्रालय से ‘जरूरी कार्रवाई’ करने के लिए कहा है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को सोमवार को भेजे पत्र में कहा कि राज्यपाल कल्याण सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर और यह कह कर कि उन्हें दोबारा चुना जाना चाहिए, आचार संहिता का उल्लंघन किया है. पत्र के अनुसार, यह एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा आचार संहिता उल्लंघन का गंभीर मामला है.

राष्ट्रपति ने एक अंतर्राष्ट्रीय दौरे से वापस लौटने के बाद मंत्रालय को यह पत्र आगे बढ़ा दिया और रेखांकित किया कि राज्यपाल को सक्रिय राजनीति से दूर रहना चाहिए.

देश की स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी राज्यपाल द्वारा किसी प्रधानमंत्री के लिए प्रचार करने का यह मामला बीते दिनों उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सामने आया था. दरअसल, राजस्थान के गवर्नर कल्याण सिंह अपने गृह जनपद आए थे.

इस दौरान अपने आवास पर उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा था कि वे पीएम मोदी को लोकसभा चुनाव में दोबारा जिताने के लिए काम करें. बीते 23 मार्च को जब टिकट वितरण से नाराज कुछ कार्यकर्ता उनके आवास पर मिलने पहुंचे थे, उस दौरान कल्याण सिंह ने यह बयान दिया था.

इससे पहले किसी राज्यपाल द्वारा चुनाव प्रचार करने का मामला वर्ष 1990 में आया था. उस समय हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल गुलशेर अहमद द्वारा अपने बेटे के पक्ष में चुनाव प्रचार करने की बात सामने आई थी.

उस घटना पर भी चुनाव आयोग ने आपत्ति जताते हुए इसे आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया था. मामला बढ़ा तो अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.