अयोध्या में रामकोट की परिक्रमा आज

विक्रमादित्य महोत्सव न्यास के संयोजन में प्रत्येक वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर रामकोट की परिक्रमा की जाती है। न्यास के तत्वाधान में परंपरागत ढंग से मनाए जाने वाला नव संवत्सर महोत्सव इस साल बृहद स्वरूप व दीपोत्सव के रूप में मनाए जाने की तैयारी है। न्यास के आयोजक राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने कहा हिंदू रीति के अनुसार नया वर्ष है।

17 मार्च को नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर तुलसी उद्यान से रामकोट की परिक्रमा की जाएगी। नए साल को हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने राम मंदिर पर पूछे गए प्रश्न पर जवाब देते हुए कहा कि राम मंदिर की तारीख जल्द पढ़नी चाहिए। न्यास के अध्यक्ष श्रीराम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने बताया कि राजा विक्रमादित्य अयोध्या के आदि पुरोधा थे उनके नाम से शुरू होने वाले नव संवत्सर महोत्सव को इस बार वृहद पैमाने पर धूमधाम से मनाए जाने की योजना है।

बैठक का संचालन मणिराम दास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने किया। बैठक में आदित्य नारायण मिश्रा, अधिकारी राजकुमार दास, महंत राम लखन शरण गहोई ,अंजनी शरण, शशिकांत दास, मिथिला बिहारी शरण ,घनश्याम पहलवान सहित काफी संख्या में संत-महंत उपस्थित थे।