भाजपा शासित राज्यों में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नारों’ की ये है वास्तविकता? – कमलनाथ
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भोपाल: हाथरस की घटना को लेकर जहां एक ओर राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में यूपी सरकार और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। तो वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में हुई घटना को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मामले को लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने पूछा है कि भाजपा शासित राज्यों में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ के नारों की क्या यही वास्तविकता है?

कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि भाजपा शासित राज्यों में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ नारो की ये है वास्तविकता? यूपी के साथ- साथ मध्यप्रदेश में भी बहन- बेटियों के साथ दरिंदगी-दुष्कर्म की घटनाएँ निरंतर घटित हो रही है। खरगोन , सतना , जबलपुर के बाद अब नरसिंहपुर के चिचली थाना के अंतर्गत एक गाँव में एक दलित महिला से गैंगरेप की घटना होने पर पीड़िता की कोई सुनवाई नहीं हुई, उल्टा पीड़िता के परिजनो को ही प्रताड़ित करने की बात सामने आयी है।मजबूरीवश पीड़िता ने अपनी जान दे दी।

खरगोन , सतना , जबलपुर के बाद अब नरसिंहपुर के चिचली थाना के अंतर्गत एक गाँव में एक दलित महिला से गैंगरेप की घटना होने पर पीड़िता की कोई सुनवाई नहीं हुई , उल्टा पीड़िता के परिजनो को ही प्रताड़ित करने की बात सामने आयी है।मजबूरीवश पीड़िता ने अपनी जान दे दी।

दरअसल रीछई गांव में एक दलित महिला गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने थाना पहुंची थी। लेकिन पीड़ित परिवार वालों के साथ पुलिस ने मारपीट की। पीड़िता के पति को पुलिस ने जेल में बंद कर दिया। दूसरी ओर गैंगरेप की शिकार पीड़िता शिकायत नहीं लिखने और पति को जेल में बंद करने की घटना के बाद वह फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

ये कैसी क़ानून व्यवस्था ? दोषियों पर कार्यवाही क्यों नहीं ?
ज़िम्मेदार इन घटनाओं पर मौन क्यों ?
विपक्ष में ऐसी घटनाओं पर धरने देने वाले आज कहाँ ग़ायब है ?

बतया गया कि पीड़ित परिवार वालों ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज कराने थाना पहुंचे थे। लेकिन चीचली थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं किया। बल्कि पीड़िता के पति को जेल में भी बंद कर दिया। परिवार वालों के अनुसार दो हजार लेकर उसे छोड़ा है।