धार्मिक परिसरों का नहीं हो सकेगा चुनाव प्रचार प्रसार के लिए उपयोग

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उमरिया @ विधानसभा निर्वाचन के लिए आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी माल सिंह ने सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में किसी भी धार्मिक परिसर का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं हो। उन्होंने धार्मिक संस्था दुरूपयोग निवारण अधिनियम 1988 का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए भी अधिकारियों से कहा है। इस अधिनियम का उल्लंघन पाए जाने पर दोषी व्यक्ति को 5 वर्ष तक का कारावास व 10 हजार रू. तक जुर्माने की सजा का प्रावधान है।

कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे धार्मिक, मूलवंशी, भाषायी या प्रादेशिक समूहों या जातियों या समुदाय के बीच आसंमजयस शुत्रुता, घृणा या वैमनष्य भावना या अभिवृद्धि हो। राजनीतिक विचारों का प्रचार करने के लिए धार्मिक मंच का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। कोई धार्मिक संस्था एवं प्रबंधक अधिनियम का उल्लघंन नही करेगा। कतिपय क्रियाकलापों के लिए धार्मिक संस्थाओं की निधियों या संपत्तियों को उपयोग किसी राजनैतिक दल के फायदे के लिए या किसी राजनीतिक क्रियाकलाप प्रयोजन के लिए कोई ऐसा कार्य नही किया जा सकेगा। कोई भी धार्मिक संस्थाध् प्रबंधक के तत्वाधान में आयोजित होने वाले धार्मिक समारोह,उत्सव, सत्संग, शोभायात्रा या सभा का उपयोग किसी राजनीतिक क्रियाकलाप के लिए प्रतिबंधित रहेगा।