कुपोषण मिटाने के लिए कमिश्नर के निर्देश

शहडोल@ कमिश्नर बी.एम.शर्मा ने शहडोल संभाग के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों, परियोजना अधिकारियों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देश दिये हैं कि वे कुपोषण मिटाने के लिये परिणाम मूलक कार्य करें। कमिश्नर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुये कहा है कि कुपोषण मिटाने के पुनीत और पवित्र कार्य में किसी भी प्रकार के फर्जी आंकड़े अब नहीं चलेगें। उन्होने कहा कि कुपोषण मिटाने के लिये ठोस एवं परिणाम मूलक पहल होनी चाहिए, कमिश्नर ने यह भी निर्देश दिये हैं कि शहडोल संभाग के सभी जिलों के एनआरसी केंद्र की सभी सीटें भरी होना चाहिए तथा एनआरसी केन्द्रों के माध्यम से अतिकुपोशित बच्चों को समुचित सुविधाएं मुहैया होना चाहिए। कमिश्नर श्री शर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुये कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार कुपोषण दूर करने के लिये निरंतर प्रयासरत है, तथा कुपोषण रूपी कलंक को दूर करने के लिये विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों को मिलना ही चाहिए।

कमिश्नर ने अनूपपुर और उमरिया जिले में एनआरसी केन्द्रों में बेड खाली रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा जिला कार्यक्रम अधिकारियों को ताकिद किया कि वे स्वंय पहल कर एनआरसी केन्द्रों में अतिकुपोषित बच्चों को प्रवेश दिलायें। कमिश्नर ने जैतहारी और कोतमा परियोजना के अधिकारियों को भी ताकिद किया है कि वे एनआरसी केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को प्रवेश दिलायें। कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बी.एम.शर्मा ने उक्त निर्देश आज कमिश्नर कार्यालय में आयोजित महिला एवं बाल विकास विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दिये। बैठक में कमिश्नर शहडोल संभाग द्वारा एनआरसी केन्द्रो की जिलेवार समीक्षा की गई, समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि एनआरसी केंद्र जैतहरी, कोतमा, चंदिया में काफी सीटें खाली रही हैं जिस पर कमिश्नर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की।

उनका कहना था कि मध्यप्रदेश सरकार कुपोषण के कलंक को दूर करने के लिये निरंतर अभिनव योजनाएं संचालित कर रही है, इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों को मिलना ही चाहिए। समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिये कि संभाग के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों, महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को समुचित संदर्भ सेवाएं मुहैया होना चाहिए। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र साफ और स्वच्छ होने चाहिए तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी बुनियादी सुविधाएं होना चाहिए। समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने समविकास योजना के अंतर्गत अनूपपुर जिले में लंबित 22 आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं आईएपी योजना के अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये तथा इसके लिये कलेक्टर अनूपपुर को पत्र जारी करने के भी निर्देश कमिश्नर श्री शर्मा ने दिये।

बैठक में अटल बाल मिशन की समीक्षा करने हुये कमिश्नर ने कहा कि अटल बाल मिशन योजना का लाभ सभी बच्चों, महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को मिलना चाहिए। इसी प्रकार उमरिया जिले में संचालित स्लीप योजना की भी कमिश्नर द्वारा समीक्षा की गई। बैठक में सांझा चूल्हा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुये कमिश्नर ने निर्देश दिये कि सांझा चूल्हा कार्यक्रम का और प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए तथा सांझा चूल्हा के माध्यम से बच्चों को पोषण आहार, नाश्ता एवं खाद्यान्न आदि समय पर मिलना चाहिए। बैठक में कलेक्टर ने स्नेह सारोकार कार्यक्रम, लाडो अभियान, लाड़ली लक्ष्मी योजना, आधार पंजीयन की भी समीक्षा की। बैठक में संयुक्त आयुक्त श्री राजकुमार कोरी, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री बी.एल.प्रजापति, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास शहडोल श्रीमती उपासना राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास उमरिया श्री मनमोहन कुसराम, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनूपपुर सुश्री पदमा सैय्याम, जिला महिला सशक्तीकरण अधिकारी शहडोल श्रीमती सजल मिश्रा, जिला महिला सशक्तीकरण अधिकारी अनूपपुर श्रीमती मंजूशा शर्मा एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।