पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र होगा ग्वारीघाट
जबलपुर | माँ नर्मदा के घाटों सहित पूरा ग्वारीघाट पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। आज शाम ग्वारीघाट के उमाघाट में महापौर डॉ. स्वाति गोडबोले, कलेक्टर शिवनारायण रूपला और पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष की मौजूदगी में स्थानीय व्यापारियों, नाविकों और पुरोहितों की बुलाई गई बैठक में ग्वारीघाट में पॉलीथिन बैग, प्लास्टिक के कप प्लेट और थर्माकोल से बनी सामग्री के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। खास बात यह रही की व्यापारियों, पुरोहितों और नाविकों ने स्वप्रेरणा से इस प्रतिबंध को लगाने की घोषणा की और इसके उल्लंघन पर अर्थदण्ड भी स्वप्रेरणा से तय किया। स्थानीय व्यापारियों, पुरोहितों, नाविकों और स्थानीय नागरिकों की यह बैठक कलेक्टर की पहल पर नगर निगम के सहयोग से बुलाई गई थी। 
   महापौर डॉ. श्रीमती स्वाति गोडबोले ने बैठक में विचार व्यक्त करते हुए ग्वारीघाट को पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित करने के स्वप्रेरणा से लिये गये निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त रखना सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। महापौर ने पॉलीथिन से बनी सामग्री के इस्तेमाल से जीव-जन्तुओं और मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मध्यप्रदेश को पॉलीथिन मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह सकारात्मक कदम है। 
   कलेक्टर शिवनारायण रूपला ने ग्वारीघाट को पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित करने के कदम को जबलपुर शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाने की दिशा में किये गये प्रयासों का पहला चरण बताया। उन्होंने कहा कि इसके बाद नर्मदा के अन्य घाटों को पॉलीथिन मुक्त बनाने की दिशा में काम शुरू किया जायेगा। श्री रूपला ने बताया कि स्थानीय व्यापारियों, नाविकों और पुरोहितों द्वारा पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने के लिये गये फैसले को प्रशासन द्वारा सख्ती से अमल में लाया जायेगा और इसका उल्लंघन करने वालों से अर्थदण्ड वसूला जायेगा। कलेक्टर ने बताया कि ग्वारीघाट को पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिये जाने का फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अब यहां पॉलीथिन के बैग, पन्नियों, प्लास्टिक के कप और थर्माकोल की सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। 
   श्री रूपला ने कहा कि इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार और थाना इंचार्ज पर होगी। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी नर्मदा तट और समूचे ग्वारीघाट का लगातार भ्रमण करेंगे और प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। श्री रूपला ने बताया कि इन अधिकारियों को क्षेत्रीय नागरिकों, व्यापारियों, पुरोहितों एवं नाविकों के साथ इस विषय पर नियमित रूप से बैठकें करने के निर्देश भी दिये गये हैं। 
   पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए ग्वारीघाट को प्रदूषण मुक्त करने के स्थानीय लोगों द्वारा लिये गये संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को दृढ़ निश्चय के साथ पूरा करना होगा और हर व्यक्ति को ईमानदारी से अपने कत्र्तव्यों का निर्वाह करना होगा। डॉ. आशीष ने कहा कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के लिए अर्थदण्ड के साथ-साथ दोषी लोगों पर पुलिस एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों से अपनी-अपनी दुकानों पर कचरे की टोकरी रखने की अपील की ताकि बाहर से पॉलीथिन के पैकेट या थैलियां लेकर आने वाले लोग इन्हें कचरे के डिब्बे में डाल सकें। डॉ. आशीष ने तीज त्यौहारों के दौरान बड़े वाहनों की पार्किंग की बेहतर व्यवस्था का भरोसा भी इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों को दिया। 
   बैठक में स्थानीय व्यापारी संघ के सतीश उपाध्याय ने ग्वारीघाट को पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित करने के लिए प्रशासन द्वारा की गई पहल का समर्थन करते हुए घोषणा की कि ग्वारीघाट क्षेत्र का कोई भी व्यापारी पॉलीथिन और प्लास्टिक से बनी सामग्री का विक्रय नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापारी पॉलीथिन पर प्रतिबंध लाये जाने की पहल में अपना पूरा सहयोग देंगे। श्री उपाध्याय ने व्यापारी संघ की ओर से कहा कि यदि कोई व्यापारी पॉलीथिन से बनी सामग्री का विक्रय करते हुए पाया जाता है तो उससे 500 रूपये का अर्थदण्ड वसूला जाये। 
   इसी तरह नाविक संघ की ओर से भी श्री किशन ने पॉलीथिन बैग लेकर आने वाले किसी भी व्यक्ति को नावों पर सवार न होने देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नाविक संघ इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करायेगा और यदि कोई नाविक पॉलीथिन बैग के साथ किसी व्यक्ति को नाव पर सवार करता है तो उस पर 500 रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा। 
    पुरोहित संघ की ओर से श्री ओंकार दुबे ने भी पॉलीथिन बैग में पूजन सामग्री लेकर आने वाले श्रृद्धालुओं से पूजा-पाठ अथवा हवन पूजन न कराने की घोषणा की। श्री दुबे ने कहा कि यदि कोई पुरोहित ऐसा कराता दिखाई दिया तो उस पर 500 रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा। 
   कलेक्टर श्री रूपला ने स्थानीय व्यापारियों, नाविकों एवं पुरोहितों द्वारा की इन घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि ग्वारीघाट में पॉलीथिन के बैग अथवा प्लास्टिक या थर्माकोल से बनी सामग्री लेकर आने वाले व्यक्तियों पर भी 100 रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा। इसके अलावा ऐसे लोगों के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है। श्री रूपला ने बताया कि भण्डारों के आयोजन में भी पॉलीथिन, प्लास्टिक एवं थर्माकोल से बनी सामग्री का इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। इसका उल्लंघन करने पर भी जुर्माना और दाण्डिक कार्रवाई भण्डारा के आयोजन कत्र्ताओं पर की जायेगी। 
   बैठक में बताया गया कि प्लास्टिक, पॉलीथिन एवं थर्माकोल से बनी सामग्री के विकल्प के रूप में ग्वारीघाट में केवल कपड़े, कागज और जूट से बनी थैलियों या पैकेटों का ही इस्तेमाल करने की अनुमति होगी। स्थानीय व्यापारियों को ये सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ग्वारीघाट में दो स्टॉल लगाये जायेंगे। इन स्टॉलों का संचालन एन.जी.ओ. लक्ष्मी सेवा समिति द्वारा किया जायेगा। बैठक के दौरान कागज, कपड़े और जूट से बनी इन सामग्रियों का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर बताया गया कि चाय पीने के लिए प्लास्टिक के डिस्पोजल कप की जगह अब इस क्षेत्र में मिट्टी के कुल्हड़ का ही इस्तेमाल करने की इजाजत होगी। 
   बैठक में नगर निगम के मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी मनप्रीत सिंह आनंद, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती प्रिया पटैल, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षेत्रीय अधिकारी, पूर्व पार्षद मनीष दुबे आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य कमलेश अग्रवाल एवं श्रीमती इन्द्रजीत कुंवरपाल सिंह शेरू, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त जी. एस. नागेश, उपायुक्त राकेश अयाची, एस.डी.एम. अरविंद सिंह, क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार मुनव्वर खान, डॉ. शैलेन्द्र पाण्डे  आदि मौजूद थे। बैठक का संचालन आचार्य विनोद दुबे ने किया।