रिटायर्ड आईपीएस एसआर दारापुरी और सदफ जफर जेल से रिहा, लखनऊ पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किए गए रिटायर्ड आईपीएस एसआर दारापुरी, सदफ जफर समेत दर्जनभर आरोपियों को रिहा कर दिया गया है. कोर्ट के दारापुरी समेत सभी 14 लोगों को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया था.

मंगलवार सुबह रिहाई के बाद दारापुरी ने कहा कि जिस कानून का विरोध करने के लिए हमें जेल में डाला गया था वो देश विरोधी है. उन्होंने कहा कि इस कानून का विरोध केवल मुसलमान ही नहीं बल्कि सभी जाति-धर्म के लोग कर रहे हैं. हम चुनौती देते हैं कि लखनऊ पुलिस सारे वीडियो को जारी करे.

उन्होंने पुलिस और आरएसएस पर ये सभी दंगे करवाने का आरोप लगाया. रिटायर्ड आईपीएस ने कहा कि 19 दिसंबर को पुलिस मेरे घर आई और उसने मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया. मुझ पर हाउस अरेस्ट में रहते हुए लोगों को भड़काने का आरोप लगा. दारापुरी ने अपनी खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि मेरी दवाइयां चलती हैं, मुझे पीनाइल कैंसर का खतरा है. मेरी दवाइयां घर पर रह गई थीं और ठंड के इस मौसम में मुझे कंबल भी नहीं दिया गया