आरटीआई के तहत सूचना न देने वाले 14 जन सूचना अधिकारियों पर दो लाख रुपये का अर्थदण्ड

लखनऊ@ #राज्यसूचनाआयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने बताया कि #सूचनाकाअधिकारअधिनियम के तहत सूचना न देने वाले 14 जन सूचना अधिकारियों पर दो लाख रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है। उन्होंने बताया कि अर्थदण्ड अधिरोपित में प्रबन्धक, बौद्ध बिहार शान्ति उपवन, लखनऊ पर 15,000 रुपये, ज0सू0अ0, जिलाधिकारी, सम्भल पर 5,000 रुपये, उप जिलाधिकारी सदर, रामपुर पर 10,000 रुपये, तहसीलदार तहसील सदर, रामपुर पर 20,000 रुपये, तहसीलदार चन्दौसी, सम्भल पर 20,000 रुपये, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुजफ्फरनगर पर 10,000 रुपये, मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर पर 10,000 रुपये, विकास प्राधिकार, सहारनपुर पर 10,000 रुपये, नगर निगम, मुरादाबाद पर 10,000 रुपये, जिला पूर्ति अधिकारी, मुरादाबाद पर 25,000 रुपये, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहारनपुर पर 25,000 रुपये, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, मुजफ्फरनगर पर 10,000 रुपये, जिला पंचायत राज अधिकारी, बिजनौर पर 10,000 रुपये तथा ग्राम पंचायत अधिकारी, धनुपुरा ब्लाॅक सैदनगर, रामपुर पर 20,000 रुपये निर्धारित है।

श्री उस्मान ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 (1) के तहत जिन अधिकारियों को शोकाज नोटिस जारी किया था कि वादी को अगले 30 दिन के अन्दर अनिवार्य रूप से सभी सूचनाएं उपलब्ध करायें, 30 दिन के अन्दर सूचना देना नियम के तहत अनिवार्य है। अधिनियम की धारा 19 (7) के तहत आयोग का आदेश बाध्यकारी भी है, जिन अधिकारियों ने आयोग के आदेशों की अवहेलना की है, और न तो उन्होनें सूचना से सम्बन्धित कोई अभिलेख आयोग के समक्ष पेश किया है, उन अधिकारियों को वादी को सूचना न उपलब्ध कराने का दोषी मानते हुए, उनके विरूद्ध अर्थ दण्ड अधिरोपित किया है।