मकर संक्रांति के अवसर पर प्रयाग में संगम स्नान करने वालों की भीड़ जुटी

इलाहाबाद@ संगम नगरी प्रयाग में मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर शनिवार सुबह से ही पवित्र स्नान करने वालों का तांता लगा हुआ है. प्रशासन का अनुमान है कि मकर संक्रांति पर लगभग 75 लाख श्रद्धालु 17 घाटों पर आस्था की डुबकी लगाएंगे. इस बीच स्नान को लेकर प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

स्नानपर्व के एक दिन पहले माघ मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई. ऐसे लोग जो संक्रांति से कल्पवास शुरू करेंगे उनका भी आगमन मेला क्षेत्र में हुआ.मकर संक्राति के दिन लोग स्नान आदि के बाद सूर्य देवता को जल अर्पित करते हैं, इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। इस द‌िन लोग नए चावल से बनी ख‌िचड़ी और त‌िल से बनी चीज जरूर खाते हैं। हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार मकर संक्रांति का त्योहार पहली माघ को मनाया जाता है।

मकर संक्रांति का पर्व आस्था और विश्वास के साथ मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति सूर्य उपासना का विशेष पर्व है, हर साल 14 जनवरी को सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए तिथि को मकर संक्रांति कहते हैं इस दिन से सूर्य उत्तरायण होना शुरू होते हैं और इसके बाद बाद से धरती के उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु की ठंडक में कमी आनी शुरू होती है।

ऐसी मान्यता है कि सूर्य दक्षिणयान से मुड़कर उतर की ओर रूख करता है। ज्योतिष के अनुसार इस समय सूर्य उत्तारायण बनता है। इस बार 16 जनवरी से 3 जुलाई तक पर्याप्त विवाह मुहूर्त हैं। इसके बाद 4 जुलाई से हरिशयनी एकादशी के कारण शुभ कार्य थम जाएंगे।