सेविंग और सैलरी अकाउंट से ट्रांजेक्शन पर लगेगा टैक्स

रीवा। नोटबंदी के बाद अब सरकार ने कैश के लेन-देन में शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। निजी बैंकों से मगाए गए प्रस्ताव के अनुसार एक मार्च से खाते में कैश निकालने व जमा करने पर बैंकों में कैश हैंडलिंग चार्ज लगेगा। निजी बैंक ने इसकी दरें भी जारी कर दी हैं। सरकारी बैंक भी इसकी तैयारी कर रहे हैं। नियम के मुताबिक हर महीने खाता धारक को 4 बार ही मुफ्त लेन-देन का अवसर मिलेगा।

कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कैश निकालने व जमा करने पर यह नियम लागू करने की तैयारी पूर्ण कर ली है। इसके तहत न सिर्फ अपने खाते से कैश में लेन-देन बल्कि थर्ड पार्टी में कैश जमा करने पर भी 150 रुपये हैंडलिंग चार्ज के अलावा सर्विस टैक्स और सेस लगेगा। हालांकि यह नियम के दायरे से सिर्फ सेविंग व सैलरी अकाउंट ही आएंगे।

नोटबंदी की घोषणा के बाद एटीएमों ने काम करना बंद कर दिया था। उस समय देश के प्रधानमंत्री ने स्वेप कार्ड के इस्तेमाल की अपील देशवासियों से की थी। लेकिन नोट की किल्लत एवं हजार व पांच सौ के नोट के बदलने के बीच लोगों ने जमकर कैशलेस ट्रांजेक्शन किया था। यह ट्रांजेक्शन सरकार के कहने पर हुआ था, लेकिन जब जनवरी में उसका हिसाब किया गया तो पता चला कि बैंकों ने सर्विस टैक्स एवं हैंडलिंग चार्ज ट्रांजेक्शन पर लगा रखा था।

जानकारों का मानना था कि सरकार ने मौखिक घोषणा की थी। साथ ही रिटन में कुछ न कुछ था। लिहाजा उन प्रकरणों पर भी सुनवाई नहीं हो सकी। एक व्यक्ति को खाते में कैश जमा करने या निकालने के लिए महीने में केवल 4 मौके ही मिलेंगे। जिसके बाद 5वें ट्रांजेक्शन 150 रुपये कैश हैंडलिंग चार्ज के अलावा सर्विस टैक्स और सेस मिलाकर करीब 173 रुपये देना होगा। होच में केवल 2 लाख रुपये एक माह में कैश जमा किया जा सकता है।

दो लाख से ऊपर जमा कराने पर 5 रुपये प्रति हजार डेढ़ सौ रुपये कैश हैडलिंग चार्ज सर्विस टैक्स और सेस अलग से लगेगा। खास बात यह है कि 2 लाख की सीमा के बाहर अगर एक हजार रुपये भी अतिरिक्त जमा कराए गए तो उस पर भी 150 रुपये हैंडलिंग चार्ज, सर्विस टैक्स, सेस और 5 रुपये प्रति हजार शुल्क लगेगा।

नॉन होम ब्रांच में एक दिन में अधिकतम 25 हजार रुपये जमा कराए जा सकते हैं। इसके ऊपर कैश जमा करने पर 5 रुपये प्रति हजार के अलावा डेढ़ सौ रुपये सर्विस टैक्स और सेस लगेगा। थर्ड पार्टी को कैश लेनदेन एक दिन में अधिकतम 25 हजार रुपये किया जा सकता है। इस पर भी डेढ़ सौ रुपये सर्विस टैक्स सेस अलग से लगेगा। 25 हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन की अनुमति नहीं होगी।