SBI ने ब्याज दरों में की आधा प्रतिशत कटौती

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने सेविंग्स बैंक डिपॉजिट्स पर ब्याज दरों में 0.5 फीसदी कटौती की है। नई दर 31 जुलाई से ही लागू हो गई है। अब सेविंग डिपाजिट में एक करोड़ रूपए तक के बैलेंस पर 3.5 फीसदी ब्याज देगा, जो पहले 4 फीसदी था।

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक करोड़ से अधिक के सेविंग डिपॉजिट बैलेंस पर सालाना पहले वाली दर 4 फीसदी ही बनाए रखी है। हालांकि एक करोड़ से अधिक बैलेंस रखने वाले लोगों की संख्‍या कम ही होती है। बैंक के इस फैसले से उसके 90 प्रतिशत ग्राहक प्रभावित होंगे। ऐसे में बड़ी आबादी को 4 फीसदी ब्‍याज दर का फायदा नहीं मिलेगा।

बैंक का यह फैसला रिजर्व बैंक की द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा होने से दो दिन पहले आया है। इससे अब बैंकों के बीच ब्याज दरों को लेकर होड़ शुरू हो सकती है। स्टेट बैंक हालांकि, बचत खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक जमा होने पर चार प्रतिशत ब्याज देता रहेगा। बैंक की यहां जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि बचत खाते में द्विस्तरीय ब्याज अदायगी की यह व्यवस्था आज से प्रभावी हो गई है।

* बैंक में मार्च 2003 से लेकर मई 2011 के दौरान के सभी बचत खाताधारकों को 3.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहा है। स्टेट बैंक ने कहा है, ‘‘नोटबंदी के दौरान नवंबर और दिसंबर 2016 में बैंक के बचत और चालू खाते में भारी नकदी प्रवाह होने की वजह से यह कदम उठाया गया है।’’

* बैंक के मुताबिक, ‘‘मुद्रास्फीति दर में गिरावट और वास्तविक ब्याज दर ऊंची होने के साथ साथ ब्याज दरों में और नरमी की उम्मीद बचत खाते में ब्याज दरों की समीक्षा किये जाने की अन्य वजह रहीं हैं।’’

* बैंक के प्रबंध निदेशक रजनीश कुमार ने बाद में कांन्फ्रेंस कॉल में संवाददाताओं को बताया कि 2011 से बचत खाते में चार प्रतिशत की ब्याज दर बनी हुई है, जबकि इस दौरान कुल मिलाकर ब्याज दर में कमी आई है और खुदरा मुद्रास्फीति भी नीचे आई है।