सरकार की योजनाओं में सुनिश्चित हो अनुसूचित जाति वर्ग की भागीदारी-राम शंकर कठेरिया

मेरठ@ आयुक्त सभागार में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के उत्पीड़न व विकास कार्यो की समीाा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डा0 राम शंकर कठेरिया ने अधिकारियों को अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों की केंन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं में भागीदारी सुनिश्चित करने, उनकी समस्याओं के प्रति सजग होकर कार्य करने, क्षतिपूर्ति का भुगतान नये एक्ट के अनुसार करने,लम्बित मामलो में चार्जशीट दाखिल करने, निस्तारित सन्दर्भो को आयोग में अपडेट कराने व अनुश्रवण समिति की नियमित बैठके आयोजित करने के लिए निर्देशित किया।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डा0 राम शंकर कठेरिया ने कहा कि देशभर में अनुसूचित जाति समाज के लोगो का संवैधानिक दृष्टि से केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं की दृष्टि से संरक्षण व अधिकार के अनुसार पालन हो यह सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है। इसी के अनुसार आयोग की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण करना सभी की जिम्मेदारी है तथा विकास कार्यो में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो को उनका अधिकार मिले व पुलिस प्रशासन उनके अधिकारों व संरक्षण के प्रति सजग हो यह आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पीड़ित को नये एक्ट के अनुसार क्षतिपूर्ति समय से मिले यह सुनिश्चित करें तथा लम्बित मामलो में चार्जशीट दाखिल करें । उन्होने कहा कि पीड़ित को हत्या या बलात्कार जैसे जघन्य मामलो में धारा 156(3) के अन्तर्गत कोर्ट में जाकर एफआईआर का आदेश न कराना पड़े इसके लिये पुलिस सजग होकर कार्य करें तथा पीडित की परेशानी को अपनी परेशानी माने।

उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने पर भी जमीन का कब्जा न मिलने की शिकायतें आयोग के पास आती है इसलिए अधिकारी इस पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं में अनुसूचित जाति वर्ग के व्यकितयों को पूरा लाभ मिले यह सुनिश्चित करने के लिये निर्देशित करते हुए कहा कि स्टैण्डअप योजना, स्टार्टअप योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, उज्जवला, कोटेदार आदि योजनाओं में एस, सी वर्ग की भागीदारी हो यह सुनिश्चित करे।

उन्होंने हाॅस्टल की स्थिति के सम्बंध में निर्देशित किया की अधिकारी हाॅस्टल का निरीक्षण कर वहां मूलभूत सुविधाओं को होना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो वाद या प्रार्थना पत्र जिला स्तर पर निस्तारित हो जाता है उसकी सूचना आयोग को दे, ताकि उसे अपडेट किया जा सके।

सयुक्त सचिव ने बैठक का संचालन करते हुए बताया कि मंडल के जिलों में अत्याचार निवारण मामलों की स्थिति की समीक्षा के लिये हत्या, बलात्कार, आगजनी आदि मामले लिये गये है। उन्होंने मण्डल के जिलों की चार्जशीट की स्थिति व कनविक्शन रेट की समीक्षा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में कनविक्शन रेट अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए रेसपान्स टाइम अच्छा होना चाहिए तभी समय से न्याय दिलाया जा सकेगा।

आयुक्त डा0 प्रभात कुमार ने कहा कि हमें अपने कार्य को धर्म समझकर करना चाहिए तथा शासन के बड़े स्पष्ट निर्देश है कि अनुसूचित जाति व अन्य निर्बल वर्ग के समाज के लिये कार्य करना है व उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर करना है।

उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत उनके मिलने के लिये समय लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्हांेंने बताया कि तहसील दिवस व थानादिवस में हम टीम बनाकर रखते है तथा जरूरत पड़ने पर वह पीड़ित पक्ष के साथ जाकर, उसकी समस्याओं का निस्तारण करते है।

आयुक्त ने कहा कि जनपद स्तर पर सर्तकता एवं अनुश्रवण समिति की नियमित बैठके आयोजित कर अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर करे। उन्होंने कहा कि जघन्य अपराधों में अनुसूचित जाति या निर्बल वर्ग के व्यक्ति को प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश न प्राप्त करना पड़े इसके लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पूरी सजगता व तत्परता से कार्य करें।

आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वह नये एक्ट के अनुसार क्षतिपूर्ति में दी जाने वाली धनराशि के सम्ंबंध में डिस्पले बोर्ड के माध्यम से कलैक्ट्रेट में प्रदर्शित करायें तथा जिन वादों या प्रार्थनापत्रों का निस्तारण हो जाता है उसको आयोग में अपडेट कराने के लिए एक या दो माह में कर्मचारी भेजकर अपडेट कराये।

जिलाधिकारी समीर वर्मा ने बताया कि मुद्रा योजना के अन्तर्गत मेरठ में 21 हजार व्यक्तियों को लाभ दिया गया जिसमें 2000 अनुसूचित जाति वर्ग के है। उन्होंने बताया कि मेरठ मण्डल में इस वित्तीय वर्ष मं 252 वादों में अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को 278.59 लाख रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है।