फीस ना भर पाने वाले बच्चे को कोई भी स्कूल बेदखल नहीं कर सकेगा: हाईकोर्ट

जबलपुर। मध्यप्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के मामले में आज भी सीबीएसई बोर्ड ने अपना जवाब हाईकोर्ट में पेश नहीं किया। ऐसे में जबलपुर हाईकोर्ट ने नाराज़गी जताई है और सीबीएसई को अपना जवाब पेश करने की अंतिम मोहलत दी है। हाईकोर्ट ने सीबीएसई सहित सभी पक्षकारों को अपना जवाब 24 अगस्त तक पेश करने का आदेश दिया है जिस दिन मामले पर अगली सुनवाई की जाएगी।

बच्चे को नहीं निकाल सकता स्कूल से.. स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं पर आज हाईकोर्ट ने सुनवाई की। इस दौरान हाईकोर्ट ने ये भी साफ किया है कि आगामी आदेश तक उसका अंतरिम आदेश जारी रहेगा। इसके तहत कोई भी स्कूल, फीस ना भर पाने वाले किसी भी बच्चे को अपने स्कूल से बेदखल नहीं कर सकेगा।

आज हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता नागरिक उपभोक्ता मंच की ओर से एक संशोधन आवेदन भी पेश किया गया है। इसमें राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है। जिसमें स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस लेने और ऑनलाईन पढ़ाई का टाईमटेबल तय किया गया है।

याचिका में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की नसीहत का हवाला देते हुए कहा गया है कि बच्चों के लिए ना सिर्फ मोबाईल का इस्तेमाल नुकसानदेह है बल्कि मोबाईल के ज्यादा इस्तेमाल से उनमें पोर्नोग्राफी भी देखने की आदत पड़ने लगी है। इस आवेदन के जरिए स्कूलों में ऑऩलाईन पढाई बंद करवाने और किसी भी तरह की फीस वसूली ना करने की मांग की गई है। फिलहाल इन याचिकाओं पर अब 24 अगस्त को सुनवाई की जाएगी।