क्रिकेट में 111 के स्कोर को ‘नेल्सन’ क्यों कहा जाता है?

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यह थोड़ा तार्किक अंधविश्वास है। क्रिकेट मैच देखते वक़्त आप सबने जरूर ध्यान दिया होगा कि किसी एक टीम या किसी एक बल्लेबाज का व्यक्तिगत स्कोर 111 या इसके गुणज (222,333… और भी) का स्कोर होने पर अंपायर अपना एक पैर मैदान से थोड़ा ऊपर उठा लेते हैं। इंग्लैंड के अंपायर डेविड शेफर्ड नेल्सन स्कोर के प्रति कुछ ज्यादा ही अंधविश्वासी रहे हैं।

यह क्रिकेट का कोई नियम नहीं है बल्कि इस से कुछ अंधविश्वास जुड़े है:-

इस अंधविश्वास को नेल्सन नाम ब्रिटिश शाही नौसेना के अधिकारी लार्ड नेल्सन (पूरा नाम- horatio nelson) के नाम पर दिया गया। उनमें एक बेहतरीन नेतृत्व क्षमता और बेहतरीन युद्ध कौशल था जिनके विषय में माना जाता है कि उन्होंने युद्ध के दौरान एक आंख, एक बाँह और एक पैर गंवा दिया था।

एक और विश्वास है कि ये तीन अंक (1,1,1) लार्ड नेल्सन की तीन युद्ध विजयों – कोपेनहेगन, नील और ट्राफलगर से जुड़े हैं। ये तीन अंक जीत, जीत और जीत को दर्शाते हैं। हालांकि ये दोनों अंधविश्वास कितने सही हैं कोई निश्चित रूप से नहीं कह सकता है।

एक और घना अंधविश्वास है कि अंक 1,1,1 बल्लेबाज के लिए अशुभ है क्योंकि ये तीनों अंक बिना गिल्लियों के तीन स्टंप्स का प्रतीक हैं। (बल्लेबाज आउट हो गया है)