जम्मू कश्मीरः सुरक्षा बलों ने बांदीपुरा में दो आतंकियों को किया ढेर, एक जवान भी शहीद

इस ख़बर को शेयर करें:

जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों ने बांदीपुरा में दो आतंकियों को ढेर कर दिया तो एक जवान भी शहीद हो गया। साथ ही आतंकियों द्वारा अगवा किए गए एक जवान का शव भी पुलवामा से बरामद कर लिया गया है। उधर पुलवामा में भी सीआरपीएफ की एक टुकड़ी पर आतंकी हमला हुआ, हालांकि इसमें जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराने में कामयाबी हासिल की तो आतंकियों से मोर्चा लेते हुए भारतीय सेना का एक जवान भी शहीद हो गया। इस बीच सेना के एक जवान को को राज्य में अगवा किए जाने की खबर आई है। जवान पूंछ का रहनेवालेा था और ईद की छुट्टी पर घर जा रहा था। सेना और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इस बीच भारत ने कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है जिसमें कथित तौर पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया में कहा कि “भारत इस रिपोर्ट को खारिज़ करता है। ये भ्रामक, पक्षपातपूर्ण और प्रेरित है। इस रिपोर्ट को लाने का उद्देश्य सवालों के घेरे में है। ये पूर्वाग्रह से ग्रसित है। ये रिपोर्ट भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है। पूरा जम्मू- कश्मीर राज्य भारत का अभिन्न अंग है।”

सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट को पूर्वाग्रह’ से ग्रसित बताया और कहा कि ये आतंकवाद के खिलाफ लडाई को कमजोर करेंगी।

इस बीच दिल्ली में गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उच्च अधिकारियों के साथ अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।

हालांकि गृहमंत्रालय के मुताबिक रमजान के दौरान सुरक्षा बलों की आक्रामक कार्रवाई रोकने के फैसले को आगे बढाने को लेकर इस बैठक में कोई चर्चा नही हुई।

अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरु होने जा रही है। इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जिनमें-

-सीआरपीएफ की 238 कंपनियां यात्रा के मार्ग पर तैनात रहेंगी।
– यात्रा के कैंपों की जवाबदेही एसपी या एसएसपी रैंक के अधिकारी पर होगी।
-ड्रोन से पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी की जाएगी।

श्रीनगर के उरी सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान बर्फबारी में दबे जवान के शव को छह महीने बाद निकाला गया। शहीद जवान शम्मी सिंह को बारामूला के सेक्टर हेडक्वाटर में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई, इसके बाद शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैत्रिक गांव रवाना कर दिया है।