शेल्टर होम में बच्चियों से करवाते थे फर्श साफ,बड़ी बच्चियों को शाम 4 बजे ले जाते थे बहार

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से शेल्टर होम में मुजफ्फरपुर जैसा एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।जी हॉ हम आप को बता दें कि देवरिया के विंध्यावासिनी महिला प्रशिक्षण एंव समाज सेवा संस्थान से भागी एक 10 साल की बच्ची ने शेल्टर होम के संचालको पर जो आरोप लगाएं है। वो वाकई चौकाने वाले है।

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सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि शेलटर होम से छूटने के बाद जिस प्रकार से बच्ची भागी, भागते हुए सीधे महिला थाने पहुंची। वंहा पहुंचने के बाद बच्ची ने शेल्टर होम में चल रही गतविधियों के बारे में बताया है। बच्ची ने बताया कि मैं उस वक्त शेल्टर होम की पहली मंजिल पर थी जब वहां की इनचार्ज गिरिजा त्रिपाठी ने मुझे बुलाया और ग्राउंड फ्लोर की सफाई करने को कहा।

इसके बाद उनके पास एक फोन कॉल आई और वह बात करने लगीं। मुझे इस दौरान भागने का मौका मिल गया। मैं बिना एक सेकंड गवाएं वहां से भागी और पुलिस स्टेशन पहुंची। तो वंही बच्ची ने मीडिया सेबात करते हुए बताया है कि जो मेरे साथ बड़ी लड़किया थी उनको शाम 4 बजे मैडम गिरिजा के साथ कार में कंही ले जाया था और अगली सुबह उन्हे वापस लाया जाता था।उसने पुलिस को बताया है कि अलग-अलग रंग की कार रोजाना आती थी और बड़ी लड़कियों को लेकर चली जाती थी।

जब वो लड़कियां वापस आती थी तो हम लोगों को देखकर बहुत रोती थी। और हम जैसी छोटी बच्चियों से फर्श साफ करवाई जाती थी।और दूसरे काम करने को मजबूर किया जाता था।अगर हम उनकी बात न माने तो अलग-अलग लोग हमे पीटते है।

तो वंही हम आप को बताते चलें कि शेल्टर होम से छुड़ाई गई 24 लड़कियों की मेडिकल रिपोर्ट मंगलवार को सामने आ सकती है। इसके लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है।जिसे मेडिकल की जॉच करने के लिए सौपा गया है।इस बोर्ड के देवरिया के सीएमो डाँ धीरेंद्र कुमार लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की जॉच कर रहे है। सीएम के साथ महिला डाक्टरों की टीम भी मदद कर रही है।मेडिकल बोर्ड के एक सदस्य ने बताया है कि रिपोर्ट मंगलवार को 12 बजे रात तक सामने आ सकती है।